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Mauganj News: कच्चे मकान से कथित करोड़ों के एमडी ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा, मुंबई से पांचवां आरोपी गिरफ्तार

Shashikant Saryam ASP

शशिकांत सरयाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मऊगंज

Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले का बिझौली गांव और यहीं से शुरू हुई वह जांच, जो अब मुंबई तक पहुंच चुकी है. हर गिरफ्तारी के साथ पुलिस के सामने एक बड़ा कथित ड्रग्स सिंडिकेट उजागर होता जा रहा है.

जर्जर मकान से कथित ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा

यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, यह मऊगंज जिले का बिझौली गांव है. एक साधारण जर्जर कच्चा मकान, बाहर से सब कुछ सामान्य, लेकिन पुलिस जांच के मुताबिक, इसी घर के भीतर कथित रूप से करोड़ों रुपये के एमडी ड्रग्स नेटवर्क की नींव रखी गई थी. जिस घर को लोग सामान्य समझते रहे, वहीं से कथित तौर पर ऐसा ज़हर तैयार हो रहा था, जो न जाने कितने युवाओं की ज़िंदगी तबाह कर सकता था.

पुलिस जांच में मुंबई कनेक्शन सामने आया

शाहपुर थाना क्षेत्र में इस कथित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं. मुख्य आरोपी चंदन सिंह से पूछताछ हुई मोबाइल खंगाले गए संपर्क तलाशे गए और फिर पुलिस की जांच पहुंची महाराष्ट्र के मुंबई. जहां से पुलिस ने सुनील यादव को गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि पिछले लगभग दो वर्षों से दोनों के बीच संपर्क था और वे कथित रूप से मादक पदार्थों की सप्लाई, परिवहन और वितरण से जुड़े हुए थे.

मऊगंज से कई राज्यों तक फैला कथित ड्रग्स नेटवर्क

जांच के अनुसार, फैक्ट्री में तैयार एमडी ड्रग्स पहले सुनील यादव तक पहुंचती थी. इसके बाद कथित तौर पर उसका नेटवर्क इसे आगे दूसरे राज्यों तक भेजता था. यानी मऊगंज का एक गांव मुंबई की कड़ी और फिर कई राज्यों तक फैलता कथित नशे का कारोबार. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क की असली जड़ कहां तक फैली हुई है.

अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार

अब तक इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस बैंक खातों, पैसों के लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड, सप्लाई चेन और पूरे कथित सिंडिकेट की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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कथित नेटवर्क की सच्चाई तलाश रही पुलिस

एक सवाल पूरे समाज के सामने खड़ा है. अगर गांवों की खामोशी में भी नशे का कारोबार अपनी जड़ें जमाने लगे, अगर मासूम ज़िंदगियों को बर्बाद करने वाला ज़हर घरों के भीतर तैयार होने लगे, तो यह सिर्फ पुलिस की नहीं पूरे समाज की चुनौती बन जाती है. मऊगंज पुलिस की जांच अभी जारी है. हर नई गिरफ्तारी, एक नया खुलासा और शायद उस पूरे कथित नेटवर्क का सच जो युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेलने की कोशिश कर रहा था. यह सिर्फ एक फैक्ट्री की कहानी नहीं यह उस लड़ाई की कहानी है, जिसमें एक तरफ कानून है और दूसरी तरफ नशे का वह अंधेरा, जिससे समाज को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है.

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