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Mauganj News: बेटी मिली तो परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान, नम आंखों से किया शाहपुर पुलिस का धन्यवाद

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बच्ची की तस्वीर

Mauganj News: एक मासूम बच्ची की डरी-सहमी आंखें, अपनों से बिछड़ने का दर्द और परिवार की बेचैनी. लेकिन इन सबके बीच उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आई शाहपुर पुलिस. संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय सरोकारों का ऐसा उदाहरण देखने को मिला जिसने न केवल एक परिवार की खुशियां लौटाईं, बल्कि पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा भी और मजबूत कर दिया.

करह पहाड़ी में मिली थी भटकी हुई मासूम

04 जून 2026 की दोपहर करीब एक बजे ग्राम करह पहाड़ी में एक लगभग 07 वर्षीय बच्ची अकेली भटकती हुई मिली. मासूम इतनी छोटी थी कि वह अपना नाम, पता या परिवार के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी. सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर उसकी देखभाल शुरू की.

बच्ची की मासूमियत और बेबसी को देखकर पुलिसकर्मी भी भावुक हो उठे. हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर इस बच्ची के माता-पिता किस हाल में होंगे और अपनी बेटी की तलाश में कितनी परेशानियां झेल रहे होंगे.

मिशन बन गई मासूम को परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी

शाहपुर पुलिस ने बच्ची की पहचान के लिए दिन-रात प्रयास शुरू कर दिए. सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर और जानकारी साझा की गई. आसपास के गांवों और क्षेत्रों में भी पहचान कराने का अभियान चलाया गया. नियमानुसार बच्ची को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) रीवा के समक्ष प्रस्तुत कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई.

पुलिस के अथक प्रयासों का असर जल्द ही दिखाई दिया. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर ने वह काम कर दिखाया जिसकी सभी को उम्मीद थी.

तस्वीर देखते ही दौड़े परिजन, मिला खुशियों का ठिकाना

बच्ची की तस्वीर जब उसके परिजनों तक पहुंची तो उनकी उम्मीदें फिर से जाग उठीं. परिवार ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया. आवश्यक सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची की पहचान ग्राम गड़रा निवासी सरोज साकेत एवं इंद्रमणि साकेत की पुत्री के रूप में हुई.

जैसे ही बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुंची, माहौल भावुक हो गया. कई दिनों से बेटी की तलाश में परेशान माता-पिता उसे सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़े. वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं. यह दृश्य किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था.

शाहपुर पुलिस बनी एक परिवार की खुशियों की वजह

पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह एवं एसडीओपी सचि पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अजय खोब्रागड़े और उनकी टीम ने जिस संवेदनशीलता और समर्पण के साथ इस पूरे मामले को संभाला, वह सराहनीय है.

यह घटना साबित करती है कि पुलिस केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों की उम्मीद, सुरक्षा और सहारा भी है.

एक बच्ची की वापसी, हजारों दिलों में बढ़ा भरोसा

मासूम की घर वापसी केवल एक बच्ची का अपने परिवार से मिलना नहीं था, बल्कि यह उस विश्वास की जीत थी जो समाज पुलिस से करता है. शाहपुर पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक परिवार की उजड़ी खुशियां फिर से बसा दीं और पूरे क्षेत्र को यह संदेश दिया कि जब संवेदनशीलता और कर्तव्य एक साथ चलते हैं, तब इंसानियत की सबसे खूबसूरत तस्वीर सामने आती है.

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