मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आपस में झड़प का मामला सामने आया है. भाजपा समर्थकों की नोंक-झोंक की इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं. मामला रीवा के त्यौंथर विधानसभा का है जहां एक तहसील के लोकार्पण कार्यक्रम में भाजपा के कई स्थानीय नेता पहुंचे थे. इसी दौरान पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक के समर्थकों के बीच विवाद हो गया.
क्यों हुआ विवाद?
दरअसल रीवा के त्यौंथर विधानसभा में तहसील के लोकार्पण का कार्यक्रम रखा गया था. इसी दौरान पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी के समर्थकों ने देखा कि सिलापट्टी में उनका नाम नहीं है. बल्कि केवल वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी का नाम है. बस फिर क्या था पूर्व विधायक के समर्थक और वर्तमान विधायक के समर्थक आपस में झगड़ने लगे. इस दौरान धक्का-मुक्की की जानकारी सामने आई है.
उधर रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के एलन मस्क को लेकर दिए गए बयानों और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के घर घेराव के बाद आईजी कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपने जैसी घटनाओं से भी स्थानीय राजनीति में सरगर्मी बनी हुई है. उन्होंने बीते दिनों रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हुई प्रसूता की हत्या के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के घर का घेराव किया था.
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इतना ही नहीं बीते दिनों मध्यप्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हुई चर्चाओं के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मची थी. बैठक में नेताओं के बीच अधिकारियों के रवैये, प्रोटोकॉल और नाराजगी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की खबरें सामने आई थीं. अब बैठक की गोपनीयता को लेकर राजेंद्र शुक्ला के सख्त बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है.
