Rewa News: रीवा के संजय गांधी अस्पताल की एक और लापरवाही सामने आई है. कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि अब कुत्ते काटने वाले व्यक्ति को सांप का इंजेक्शन लगा दिया. इतना ही नहीं, इसी अस्पताल में एक दिन पहले ही जिंदा आदमी को मृत घोषित कर दिया गया था. जिसकी कुछ ही देर बाद सांस चलने लगी. अभी वह मरीज जिंदा है. यानी संजय गांधी में एक-दो नहीं, बल्कि लापरवाही का अंबार लगा होना कहा जा सकता है. जानें क्या है पूरा मामला?
रीवा का संजय गांधी अस्पताल इन दिनों सुर्खियों में है. अस्पताल में लगातार बरती जा रही लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के शिकार एक युवक को अस्पताल के स्टाफ ने कथित तौर पर स्नेक बाइट (सांप के काटने) का इंजेक्शन लगा दिया. युवक जब इंजेक्शन लगवाकर घर पहुंचा, तो उसकी अचानक तबीयत खराब होने लगी. तबीयत खराब होते देख घरवालों ने जब ओपीडी पर्ची देखी तो हैरान रह गए. क्योंकि पर्ची में कुत्ते की जगह सांप काटने के इंजेक्शन लगाने का जिक्र था.
इंजेक्शन लगते ही खराब होने लगी थी तबीयत
युवक की पहचान आयुष सिंह (18) निवासी रामपुर कोठी झिरिया के रूप में हुई है. आयुष जेएनसीटी कॉलेज में पढ़ाई करता है. उसने बताया कि 5 सितंबर की शाम करीब 5 बजे उसे कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह संजय गांधी अस्पताल पहुंचा, पर्ची बनवाई और कैजुअल्टी में डॉक्टर को डॉग बाइट की जानकारी दी. कैजुअल्टी में गया तो वहां पर मौजूद महिला पीजी डॉक्टर ने सांप काटने का इंजेक्शन लगा दिया. इसकी जानकारी तब लगी, जब तबीयत खराब होने लगी.
जानकारी मिलते ही युवक सीधे भागते हुए अस्पताल पहुंच गया और डॉग बाइट से संबंधित इंजेक्शन लगवाया. पीड़ित युवक ने इस घटना की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई है.
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स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पिछले कुछ दिनों से रीवा का संजय गांधी अस्पताल खूब सुर्खियों में है. पहले कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत. इसके बाद जिंदा आदमी को मृत घोषित करना और अब कुत्ते की जगह सांप काटने का इंजेक्शन लगाने की घटना सामने आई है. इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
