Vistaar NEWS

कौन हैं एक्शन किंग IAS नरेंद्र सूर्यवंशी? जो बिना UPSC एग्जाम पास किए बने IAS

IAS Narendra Suryavanshi

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं. उनके सख्त स्वभाव और तत्काल निर्णय लेने की कई खबरें सामने आई हैं. हाल ही में उन्होंनें एक बस को तुरंत सीज करने के निर्देश दिए थे. कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और उनके साथ जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी इसी बस में सवार होकर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचे थे. बस की बेहद खराब हालात को देखते हुए उन्होंने उसे तुरंत जब्त करने के निर्देश जारी कर दिए थे.

हाल ही में क्यों चर्चा में आए IAS नरेंद्र सूर्यवंशी?

वहीं एक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उनके पास ग्रामीण महिला अपनी समस्या लेकर पहुंची. जमीन से जुड़े हुए मामले में महिला लगातार कई दिनों से तहसील के चक्कर लगा रही थी. इस पर कलेक्टर ने तुरंत गुढ़ तहसीलदार को फोन लगातार फटकार लगाई थी. इतना ही नहीं, आरटीओ ऑफिस में भी उनके औचक निरीक्षण के दौरान दलालों पर उनकी सख्ती ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. आइए एक्शन किंग IAS नरेंद्र सूर्यवंशी के बारे में विस्तार से जानते हैं.

मध्य प्रदेश कैडर के 2012 बैच के अधिकारी

IAS नरेंद्र सूर्यवंशी मध्य प्रदेश कैडर के 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. नरेंद्र सूर्यवंशी मूल रूप से मध्य प्रेदश के ही रहने वाले हैं. उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है. इनके बारे में सबसे खास बात ये है कि इन्होंने सीधे यूपीएससी परीक्षा पास नहीं की और न ही ये यूपीएससी की परीक्षा पास के कर आईएएस बने हैं, बल्कि वे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा (SCS) में अधिकारी चुने गए थे, जहाँ से पदोन्नत (Promote) होकर वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए. प्रशासनिक सेवा में उनका अनुभव और मैदानी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है.

कई जिलों में संभाल चुके प्रशासनिक जिम्मेदारी

रीवा में कलेक्टर बनने से पहले वह मध्य प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. वे रतलाम और निवाड़ी जिलों में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा, वे अन्य जिलों में डिप्टी कलेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भी रह चुके हैं. उनकी गिनती हमेशा से एक सख्त, ईमानदार और जनता के बीच रहने वाले अधिकारी के रूप में होती रही है.

यह भी पढ़ें- ‘ज्यादा उड़ रहे हो, अभी जमीन पर उतार दूंगा…’, रीवा कलेक्टर ने तहसीलदार को क्यों लगाई फटकार?

Exit mobile version