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‘मोर बप्पा रे… अभी तक ट्राई साइकिल नहीं मिली?’, SDM की मौजूदगी में विधायक ने BJP कार्यकर्ताओं को समाधान करने के निर्देश दिए

A differently-abled woman in Sidhi sought help from the MLA after failing to get a tricycle.

सीधी में ट्राई साइकिल ना मिलने पर दिव्यांग महिला ने विधायक से मदद मांगी.

Input- शरद

MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया में शनिवार को विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर के समापन के दौरान एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही सीधी विधायक रीति पाठक बाहर निकलने लगीं, तभी ग्राम बम्हनी निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग आदिवासी महिला छोटी रावत ने उनके पैर पकड़ लिए और अपनी पीड़ा सुनाने लगी.

अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिली ट्राई साइकिल

महिला ने बताया कि वह लंबे समय से ट्राई साइकिल की मांग कर रही हैं. कई बार आवेदन देने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद आज तक उन्हें ट्राई साइकिल नहीं मिल सकी. महिला का आरोप है कि उन्होंने गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, सुविधा नहीं.

महिला की व्यथा सुनकर विधायक रीति पाठक आश्चर्यचकित रह गईं. उन्होंने अपने सिर पर हाथ रखते हुए कहा, ‘मोर बप्पा रे… अभी तक इनका साइकिल नहीं मिली’. इसके बाद विधायक ने एसडीएम राकेश शुक्ला की ओर देखा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक की प्रतिक्रिया के बावजूद एसडीएम ने न तो कोई जवाब दिया, न ही महिला की ओर देखा और न ही पूरे घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की. इसके बाद विधायक ने अपने साथ मौजूद भाजपा कार्यकर्ता को महिला का नाम और पता नोट करने के निर्देश दिए, ताकि उसकी समस्या का समाधान कराया जा सके.

महिला से विधायक बोलीं- पैर छोड़ो, नहीं तो गिर जाऊंगी

बातचीत के दौरान महिला ने विधायक के पैर पकड़ लिए. जिसके बाद विधायक ने महिला से कहा, ‘छोड़ो मेरा पैर, नहीं तो मैं गिर जाऊंगी.’ इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने महिला के हाथों से विधायक का पैर छुड़ाया. कार्यक्रम में विधायक रीति पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम सिंह, गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक दिव्यांग महिला जनप्रतिनिधि के सामने अपनी पीड़ा लेकर पहुंची, तब मौके पर मौजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी की ओर से कोई त्वरित प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई.

NSUI बोली- जरूरतमंदों की मदद नहीं की जा रही है

वहीं, एनएसयूआई के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में जरूरतमंद और दिव्यांग लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा है और यह घटना उसी का उदाहरण है.

इस संबंध में विधायक रीति पाठक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. वहीं, छोटी रावत का कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें अब भी ट्राई साइकिल मिलने का इंतजार है.

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