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5 दिन, 5 जिले और 500 KM का सफर… बाबा बागेश्वर ने ‘हिंदू राष्ट्र’ को लेकर किया रथ यात्रा का ऐलान

Bageshwar Dham

बाबा बागेश्वर

Dhirendra Shastri Hindu Rashtra Yatra: विश्व प्रसिद्ध कथावाचक और चमत्कारी दरबार लगाने के लिए फेमस बाबा बागेश्वर ने एक बार फिर से अपने अंदाज में ‘हिंदू राष्ट्र’ के लिए बिगुल फूंक दिया है. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने ऐलान किया है कि वे आने वाली शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विशाल रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं. बाबा बागेश्वर ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने का संकल्प और सनातनियों को एकजुट करना है. आइए इस यात्रा के रूट, ठहराव, शुरुआती स्थान और समापन स्थान समेत सभी जरूरी अपडेट्स के बारे में जानते हैं.

इन जिलों से होकर गुजरेगी रथ यात्रा

भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के अपने संकल्प को लेकर निकलने वाली ये रथ यात्रा 11 अक्टूबर से प्रारंभ होगी. इस यात्रा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ-साथ और भी तमाम तरह के कई बाबा, फिल्मी सितारे और कई मंदिरों के महंत शामिल होंगे. यात्रा मध्य प्रदेश के 5 जिलों से होकर गुजरेगी, जिनमें सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह और छतरपुर शामिल हैं।

5 दिन में 500 किमी का चक्कर

लगभग 500 किलोमीटर की इस यात्रा को मात्र 5 दिन में पूरा करने का तय किया गया है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया है कि इस पांच दिवसीय रथ यात्रा के दौरान कुल 4 जगहों पर रात्रि विश्राम किया जाएगा. इन स्थानों पर हनुमान चालीसा का पाठ, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. शास्त्री के मुताबिक, यात्रा के दौरान लोगों को ‘हिंदू राष्ट्र’ के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी.

20 किमी के बाद सभा का आयोजन

उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस यात्रा के दौरान करीब हर 20 किमी के बाद सभा करने की योजना बनाई गई है. इन सभाओं के माध्यम से लोगों को यात्रा और ‘हिंदू राष्ट्र’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा. इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि इस बार यात्रा पैदल नहीं बल्कि रथ से होगी. इससे पहले बागेश्वर बाबा ने दिल्ली से वृंदावन के लिए पैदल यात्रा निकाली थी, जिस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था.

शुरुआत और समापन

धीरेंद्र शास्त्री की इस यात्रा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं. विपक्ष के कई नेताओं ने इस यात्रा को ‘हिंदू राष्ट्र’ से जोड़ने पर आपत्ति जताई है. बागेश्वर धाम (छतरपुर) से शुरू होकर यह यात्रा सबसे पहले पन्ना जिले के अजयगढ़, अमानगंज और पवई की ओर बढ़ेगी. वहीं बुंदेलखंड के पांचों जिलों का चक्कर लगाने के बाद वापस बागेश्वर धाम में ही इस यात्रा का समापन होगा.

आजाद समाज पार्टी ने किया विरोध

आजाद समाज पार्टी ने 22 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर इस रथ यात्रा पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने तर्क दिया है कि भारतीय संविधान में भारत को एक ‘पंथनिरपेक्ष (Secular) राष्ट्र’ घोषित किया गया है, इसलिए हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाली किसी भी यात्रा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

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