Simhastha 2028: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन होने वाला है. हर 12 साल में होने वाले कुंभ मेले में देश और विदेश से करोड़ों श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए आते हैं. सिंहस्थ को लेकर एमपी सरकार जोर-शोर से तैयारियों में जुटी हुई है. शहर में कई तरह के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें घाट, पुल-पुलिया और दूसरे काम शामिल हैं. अब सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया है कि उज्जैन में विश्वस्तरीय टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा.
‘रण उत्सव’ की तर्ज पर बनेगी टेंट सिटी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 फरवरी को गुजरात के कच्छ जिले में आयोजित ‘रण उत्सव’ का दौरा किया. उन्होंने यहां टेंट सिटी का प्रत्यक्ष अनुभव किया. सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्होंने पोस्ट करके लिखा कि उज्जैन में साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ में ‘रण उत्सव’ की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ रण ऑफ कच्छ का 'रण उत्सव' आज भारत की सांस्कृतिक शक्ति और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 2, 2026
भव्य 'रण उत्सव' में सहभागिता कर विश्वस्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। यह प्रेरक उदाहरण… pic.twitter.com/cb7nEpJuzi
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी स्थापित की जाएगी. इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों को फायदा होगा.
‘सिंहस्थ 2028’ के लिए क्या-क्या तैयारियां हो रही हैं?
- साल 2028 में होने वाला सिंहस्थ कुंभ भव्य और दिव्य होने वाला है. मध्य प्रदेश सरकार इसके लिए तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है.
- मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ के लिए केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये की मांग की है. इस बजट का इस्तेमाल उज्जैन में विभिन्न तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा.
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की योजना है. इससे इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम होगा. फिलहाल शहर में दताना हवाई पट्टी है.
- करोड़ों की संख्या में पवित्र डुबकी लगाने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशान ना हो, इसके लिए 29 किमी लंबा घाट का निर्माण किया जा रहा है. ये शनि मंदिर से नागदा बायपास तक बनाया जाएगा.
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2014 में हुए सिंहस्थ में लगभग 7.5 करोड़ श्रद्धालु आए थे. सिंहस्थ 2028 के लिए अनुमान लगाया गया है कि देश-विदेश से 15 करोड़ भक्त आ सकते हैं.
- सिंहस्थ 2028 के लिए 6000 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों पर खर्च किए जाएंगे.
- सिंहस्थ 2028 में करोड़ों लोगों की निगरानी करने के लिए 80000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. ड्रोन और सीसीटीवी मदद से निगरानी की जाएगी. AI की सहायता भी ली जाएगी.
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