देवास कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कटिहार से 21 वर्षीय आरोपी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी के घर की अलमारी से पुलिस ने ठगी की रकम में से ₹5 लाख नकद बरामद किए हैं. मामले के तार झारखंड के जामताड़ा से जुड़े होने की बात भी सामने आई है
बैंक अधिकारी बनकर बुजुर्ग को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, LIC से सेवानिवृत्त 62 वर्षीय मनोहर लाल सिलोदिया को कथित तौर पर बैंक अधिकारी बनकर फोन किया गया. पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से कुल ₹6,03,000 निकाल लिए गए. मामले में थाना कोतवाली देवास में अपराध क्रमांक 0565/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई
हजारों किलोमीटर दूर पहुंची पुलिस टीम
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और बिहार के कटिहार पहुंचकर सचिन कुमार, पिता उमेश पासवान, निवासी कटिहार को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपी के घर से ₹5 लाख नकद जब्त किए. आरोपी को न्यायालय में पेश कर 27 अक्टूबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है.
झारखंड के जामताड़ा कनेक्शन की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में साइबर ठगी के नेटवर्क के तार झारखंड के जामताड़ा से जुड़े होने की जानकारी मिली है. गिरोह के अन्य कथित सदस्यों और मुख्य आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है.
पुलिस पुनीत गहलोत की की आम जनता से अपील
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बैंकों के नाम से बनाई गई फर्जी आईडी, पेंशन अपडेट, लोन, टैक्स छूट और आकर्षक ब्याज दरों के नाम पर आने वाले ऑफर से सावधान रहें. बैंक संबंधी किसी भी काम के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें. किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, बैंक विवरण या गोपनीय जानकारी साझा न करें.
निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उपनिरीक्षक सचिन सोनकरा, उपनिरीक्षक डी.के. त्यागी सहित थाना कोतवाली एवं साइबर सेल के पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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