Ujjain News: उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारी तेजी से चल रही है. मुख्यमंत्री खुद बीच-बीच में काम का निरीक्षण करते रहते हैं. लेकिस इस महाकुंभ में खास इंतजाम करने के साथ ही तैयारी को हाईटेक तरीके से किया जा रहा है. कुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के मैनेजमेंट के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) का सहारा लिया जाएगा.
महीनों पहले पहुंचकर इलाके का ‘भूगोल’ समझेंगे पुलिसकर्मी
महाकुंभ में जिन पुलिस सिपाही और अधिकारियों की ड्यूटी जिस इलाके में लगाई जाएगी. वहां पर उन्हें कई महीने पहले ही भेज दिया जाएगा, जिससे कि वे अपने क्षेत्र के बारे में अच्छी तरह से वाकिफ हो जाएं. पूरा रूट उनके दिमाग में रहे. ऐसे में कुंभ के समय उन्हें इलाके के भूगोल को समझने में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी. किसी भी पुलिसवाले की जिस घाट पर ड्यूटी होगी, उसे स्पेसिफिक ट्रेनिंग दी जाएगी. जिन जगहों पर ज्यादा भीड़ होती है, उससे निपटने के लिए महीनों पहले ही प्रशिक्षण दिया जाएगा.
ऑपरेशनल जोन में बांटकर दी जाएगी ट्रेनिंग
अक्सर देखा गया है कि कुंभ में अलग-अलग इलाकों में भीड़ का बिहेवियर अलग तरीके से होता है. ऐसे में सभी पुलिसकर्मियों को एक साथ ट्रेनिंग देने के बजाय ऑपरेशनल जोन में बांटकर प्रशिक्षित किया जाएगा. ऐसे में पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अपने इलाके में बेहतर तरीके से गश्त कर पाएंगे.
AI से समझी जाएगी भीड़ की साइकोलॉजी
इस बार लाठी-डंडों से लैस पुलिस कर्मियों की संख्या कम रखी जाएगी. उनकी जगह पर एआई की तकनीक का सहारा लिया जाएगा. एआई के जरिए ह्यूमन बिहेवियर समझकर उसके हिसाब से डेटा इकट्ठा किया जाएगा. किसी भी अनहोनी या भगदड़ की स्थिति में डेटा के आधार पर कमांड दिया जाएगा. एआई-बेस्ड प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स किए जाएंगे. ये किसी कुंभ में पहली बार होगा, जब इस तरह एआई का इतने बड़े पैमाने पर मदद ली जाएगी.
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