Ujjain: शासकीय कार्यालयों में जहां आमतौर पर नियम-कायदे और अनुशासन सर्वोपरि माने जाते हैं, वहीं उज्जैन में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री रविकांत मालवीय का जन्मदिन समारोह अब चर्चा का विषय बन गया है. आरोप है कि रविवार, यानी शासकीय अवकाश के दिन कार्यालय खुलवाकर वहां भव्य जन्मदिन पार्टी आयोजित की गई.
सहायक यंत्री का अंदाज वायरल
बताया जा रहा है कि सहायक यंत्री का अंदाज भी किसी राजा-महाराजा से कम नहीं था. ढोल-धमाकों के बीच हाथी पर सवार होकर कार्यालय परिसर में प्रवेश किया गया और फिर केक काटकर जन्मदिन का जश्न मनाया गया. समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद विभागीय व्यवस्था और नियमों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. मामला यहीं नहीं थमा, समारोह के दौरान केक के आसपास नोटों की गड्डियां रखे जाने की बात भी सामने आई है.
ऐसे में पूरा आयोजन महज जन्मदिन समारोह था या फिर खुले तौर पर रसूख और शक्ति प्रदर्शन का मंच, इस पर भी चर्चाएं तेज हैं.
रविवार को बंद कार्यालय आखिर किसके आदेश पर खुला?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रविवार को शासकीय कार्यालय बंद रहता है, तो आखिर कार्यालय खुलवाने की अनुमति किसने दी? क्या किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति थी तो किस नियम के तहत? और यदि अनुमति नहीं थी तो अवकाश के दिन कार्यालय परिसर में निजी समारोह आयोजित करने की इजाजत किसने दी?
यह भी जांच का विषय है कि कार्यक्रम में विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी थी या नहीं और यदि कर्मचारी मौजूद थे तो क्या उन्होंने सरकारी ड्यूटी के तहत उपस्थिति दर्ज की या निजी समारोह में शामिल हुए.
भ्रष्टाचार की खबर के अगले ही दिन भव्य जश्न से बढ़ा विवाद
मामला इसलिए और ज्यादा गंभीर हो गया है क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले ही सहायक यंत्री रविकांत मालवीय को लेकर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों की खबर प्रकाशित हुई थी. इसके अगले ही दिन रविवार को कथित तौर पर शासकीय कार्यालय में इस तरह का भव्य आयोजन सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारी के प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
