Ujjain: ‘सर को मत हटाओ… वे बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं’, टीचर का ट्रांसफर रुकवाने के लिए सड़क पर उतरी छात्राएं
छात्राओं का प्रदर्शन
Ujjain: महिदपुर तहसील के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने शुक्रवार को प्रभारी प्राचार्य अर्जुन सिंह दावरे के स्थानांतरण के विरोध में स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में छात्राओं के एकत्र होने से मौके पर हलचल मच गई. छात्राओं ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं कलेक्टर के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की.
विद्यालय का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर
छात्राओं ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्राचार्य अर्जुन सिंह दावरे के कार्यकाल में विद्यालय का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर हुआ है. पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आया है और बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी पहले की तुलना में बेहतर हुए हैं. इसके अलावा खेल, सांस्कृतिक और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी विद्यालय ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है.
प्राचार्य ने सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया
छात्राओं ने बताया कि प्राचार्य दावरे ने विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के साथ छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष प्रोटेक्शन टीम (कमांडो ग्रुप) का गठन किया, जिससे विद्यालय का वातावरण अधिक सुरक्षित बना और छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नए शैक्षणिक सत्र और परीक्षा की तैयारियों के बीच प्राचार्य का स्थानांतरण उचित नहीं है. इससे पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और विद्यालय की व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
छात्राओं ने कहा कि…
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुरक्षित वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से है. उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से उनकी मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.
मॉडल स्कूल के प्राचार्य रामेश्वर सोनी, जिन्होंने छात्राओं से ज्ञापन प्राप्त किया, ने बताया कि प्रदर्शन करने वाली सभी छात्राएं कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की हैं. उन्होंने कहा कि प्रभारी प्राचार्य अर्जुन सिंह दावरे का हाल ही में देवास जिले में स्थानांतरण हुआ है. यह स्थानांतरण भोपाल स्तर से हुई प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. छात्राओं का ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को भेजा जाएगा, ताकि उनकी मांग से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा सके.