Ujjain: सावन के महीने में भगवान शिव के मंदिरों में लाखों की संख्या में भीड़ होती हैं. ये माह भोलेनाथ को अतिप्रिय माना जाता हैं ऐसे में शिवभक्त अपने आराध्य को कांवड़ समर्पित करते हैं. उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भी लोगों की भीड़ लगी रहती है. महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंदौर से आए कावड़ यात्रियों और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया.
जबरन गर्भग्रह में प्रेवश करने की कर रहे थे कोशिश
जानकारी के मुताबिक कुछ कांवड़िए नंदीहाल में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे जबकि गर्भग्रह में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित माना जाता है. मंदिर परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. धीरे-धीरे विवाद बढ़ा और पहले धक्का मुक्की और बाद में मारपीट शुरू हो गई. घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं के बीच भी कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई.
गार्ड को फूटा सिर
विवाद के दौरान मंदिर की निजी सुरक्षा एजेंसी में तैनात एक गार्ड घायल हो गया. उसके सिर में चोट लगने के बाद तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि भीड़भाड़ वाले समय में इस तरह की स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए. जानकारी ये भी सामने आई है कि कांवड़ा यात्रियों में कुछ लोग विश्व हिंदू परिषद और और बजरंग दल से जुड़े हुए हैं.
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दर्ज कराई एफआईआर
घटना की जानकारी सामने आने के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने मामले को गंभीरता से लिया है. प्रबंधन की ओर से संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. मामले को लेकर थाना महाकाल में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
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