MP Heavy Rains: एमपी में आंधी-तूफान और बारिश से तबाही, जानिए कब होगी मानसून की विदाई
शिवेंद्र कुशवाहा
एमपी से मानसून की विदाई कब होगी
बारिश की तबाही ने कई लोगों के घरों को उजाड़ दिया और कई परिवारों के सदस्यों को छीन लिया. भारत में सबसे पहले केरल पहुंचने वाला मानसून गर्मियों में जमीन के ज्यादा गर्म होने और हिंद महासागर व अरब सागर से उठने वाली नमी वाली हवाओं के कारण बनता है. समुद्र से नमी लेकर भारत की तरफ आने वाली यही हवाएं ऊपर जाकर ठंडी हो जाती हैं और घने बादलों में बदलकर भारी बारिश करती हैं. यह मानसूनी दौर मुख्य रूप से 15 जून से पूरे देश में सक्रिय हो जाता है और सितंबर का महीना खत्म होने के बाद धीरे-धीरे विदा होने लगता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून आम तौर पर जून से सितंबर तक रहता है, हवा के दबाव के बदलने से बीच-बीच में बारिश कम या ज्यादा हो सकती है. सितंबर का महीना खत्म होने के बाद मौसम के अनुकूल होते ही मानसूनी बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने और मानसून लौटने लगेगा.मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन, शहडोल और उमरिया में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, जबलपुर और रीवा समेत 50 जिलों में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी है.