Narmada Jayanti 2026: कब है नर्मदा जयंती? जानिए सही तिथि और धार्मिक महत्व
अभय वर्मा
मध्य प्रदेश में नर्मदा जयंती का विशेष महत्व माना जाता है, प्रदेश में इसको लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मां नर्मदा की जयंती मनाई जाने वाली है. नर्मदा जयंती पर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की जाती है. खासकर मध्य प्रदेश में इसका महत्व बेहद खास होता है, इस दिन मां नर्मदा जी में पवित्र स्न्नान करने से विशेष पुण्य लाभ मिलता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, नर्मदा जयंती 25 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट से शुभ योग में शुरू हो जाएगी और अगले दिन 25 जनवरी को रात में 11 बजकर 10 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा. नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा की पूजा का शुभ संयोग बन रहा है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहा है, मान्यता है कि इन योगों में स्न्नान के बाद पूजा पाठ और दान करने से विशेष फल मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. मां नर्मदा अपने भक्तों को सौभाग्य वृद्धि का आशीर्वाद देती है. नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. मां नर्मदा अपने भक्तों को सौभाग्य वृद्धि का आशीर्वाद देती है. नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा की पूजा का शुभ संयोग बन रहा है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहा है, मान्यता है कि इन योगों में स्न्नान के बाद पूजा पाठ और दान करने से विशेष फल मिलता है.नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा की विशेष आरती की जाती है. उन्हें चुनर अर्पित की जाती है. नर्मदा घाटों पर लोग मां नर्मदा को दीप, फूल, फल चढ़ाते हैं. नर्मदा नदी एकमात्र देश की ऐसी नदी हैं, जिसकी परिक्रमा की जाती है. नर्मदा नदी की जो लोग परिक्रमा करते हैं वे भक्त नर्मदा जयंती को विशेष मानते हैं, क्याेंकि इस दिन नर्मदा परिक्रमा का भी समापन किया जाता है.