लड़के से लड़की बनी क्रिकेटर अनाया बांगर को गेम में वापसी का रास्ता मिल गया है. क्रिकेट में वापसी होने के बाद उन्होंने अपने सपने को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी का सिर्फ मैदान पर वापस लौटना नहीं बल्कि उनकी नजरे बड़े टारगेट पर सेट है. अनाया बांगर का सपना है कि एक दिन भारत के लिए वह विमेंस वर्ल्ड कप जीतें और देश के लिए बड़ी ट्रॉफियां हासिल करें.
बता दें कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अपनी ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स खिलाड़ी नीति के तहत अनाया को यह मंजूरी दी है. जबकि मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में उनकी वापसी पात्रता संबंधित नीति की शर्तों पर निर्भर करेगी. हालांकि ये मंजूरी किसी भी टीम में जगह की गारंटी नहीं हैं, लेकिन अनाया बांगर इसे अपने क्रिकेट करियर को दोबारा शुरू करने की बड़ी शीढ़ी मान रही है.
बीसीसीआई से भावुक अपील
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से भावुक अपील की है. उन्होंने बीसीसीआई से भी उम्मीद जताई है कि महिला क्रिकेट के लिए ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो समावेशी होने के साथ-साथ निष्पक्ष भी हो. उन्होंने कहा ‘मैं उम्मीद करती हूं कि बीसीसीआई इस पर विचार करेगा और ऐसी नीतियां बनाएंगा जो महिला खेल के लिए समावेशी, निष्पक्ष और सम्मान जनक हो. मैं एक दिन भारत के लिए विश्वकप जीतना चाहती हूं, और यही मेरा सपना है.’
अनाया बांगड़ का बड़ा खुलासा
अनाया बांगर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था. उन्हें सिर्फ सार्वजनिक आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा बल्कि परिवार का भी उन्हें पूरी तरह से समर्थन नहीं मिला. उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ हद तक तो मदद मिली लेकिन सफर के दौरान उन्हें कभी पूरी तरह से ये महसूस नहीं हुआ कि परिवार उनके साथ है.
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