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Asian Games 2026: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने 400 मीटर हर्डल्स में जीता ब्रॉन्ज, तोड़ डाला PT ऊषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड

Vithya Ramraj

विथ्या रामराज

Vithya Ramraj Brokes PT Usha Record: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. भारत की विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स में शानदार प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इस पदक के साथ विथ्या ने पीटी ऊषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. एशियन गेम्स 2026 में 28 साल की रामराज ने 54.75 सेकंड का समय निकालकर रेस पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. वहीं, पीटी ऊषा ने 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 55.42 सेंकड़ में रेस पूरी कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया था.

ट्रक ड्राइवर की बेटी हैं विथ्या रामराज

एशियन गेम्स 2026 में 400 मीटर हर्डल्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली विथ्या रामराज के लिए यह बड़ी उपलब्धि है. उनका जन्म एक बेहद ही साधारण परिवार में हुआ था. इसके पिता ट्रक ड्राइवर हैं. विथ्या को एथलीट बनाने का फैसला उनकी मां का था. शुरुआत में गांववालों ने इस फैसले पर सवाल भी उठाए, लेकिन विथ्या की मां ने हार नहीं मानी और बेटी को एथलीट बनाकर ही दम ली. यहां तक पहुंचने में विथ्या को काफी संघर्ष का सामना करा पड़ा. उनके परिवार के पास जूते खरीदने के पैसे नहीं थे.

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फटे जूतों से जीती रेस

विथ्या रामराज ने जब एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा तक उनके परिवार के पास जूते खरीदने के पैसे नहीं थे. जूतों की कीमत 25000 रुपये थी, लेकिन विथ्या ने न सिर्फ फटे जूतों के साथ रेस की बल्कि इसे जीता भी. अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई रेस खून से सने पैरों से जीती. कोविड 19 के दौरान विथ्या काफी बीमार हो गई थीं और बाद में उन्हें अपेंडिसाइटिस की सर्जरी करानी पड़ी. इसके बाद उनके परिवार ने उन्हें खेल छोड़ने को कहा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जबरदस्त वापसी की.

विथ्या रामराज ने जीता दूसरा मेडल

विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स 2026 में यह अपना दूसरा मेडल जीता है. इससे पहले उन्होंने डबल 4×100 मीटर रीले रेस में सिल्वर मेडल जीता था. बता दें, विथ्या ने हांगझोउ में आयोजित हुए एशियन गेम्स 2023 में भी 400 मीटर हर्डल्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था. इसी के साथ उन्होंने लगातार दो बार एशियन गेम्स में मेडल जीत लिए हैं.

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