Seema Kaliraman: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स को एक और बड़ी सफलता मिली है. महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत की सीमा कालीरमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अ[ने नाम किया. ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के अपने मुआकबले में सीमा ने 58.65 मीटर की दूरी का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल जीता. इसी के साथ भारत के कुल मेडलों की संख्या 17 पहुंच गई.
कौन हैं सीमा कालीरमन?
27 वर्षीय सीमा कालीरमन हरियाणा के भिवानी जिले के दिनोद गांव की रहने वाली हैं. वह सिर्फ एथलीट ही नहीं, बल्कि एक मां और पीएचडी स्कॉलर भी हैं. खेल, पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की. सीमा की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और टैलेंट के अलावा पति रविंदर का भी बड़ा योगदान रहा.
Commonwealth Games 2026: Seema Kaliramna delivers stunning performance to win discus bronze
— ANI Digital (@ani_digital) July 30, 2026
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पति ही बने कोच
सीमा के पति रविंदर उनके कोच की भूमिका भी निभा रहे हैं. स्पोर्टस्टाफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा और उनके पति की मुलाकात डिस्कस थ्रो के जरिए ही हुई थी. रविंदर खुद इस खेल में सक्रिय थे. रविंदर जूनियर और सब-जूनियर लेवल पर नेशनल चैंपियन थे, चोट के कारण वह अपने करियर को आगे नहीं बढ़ा सके. जब दोनों की मुलाकात हुई तो सीमा के पिता ने दोनों की शादी का प्रस्ताव रखा, जिससे उनकी बेटी खेल में अपना करियर आगे बढ़ा सके.
पति के कहने पर की PHD
सीमा के करियर को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका उनके पिता ने निभाई. उन्होंने डिस्कस थ्रो की कोचिंग के अलावा पति रविंदर के कहने पर ही कोविड-19 महामारी के दौरान स्पोर्ट्स में PHD शुरू कर दी. इसके बाद चोट के कारण जब सीमा फील्ड से दूर थीं उसी दौरान उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया.
बच्चे के जन्म के सिर्फ 11 महीने बाद ही ससुराल वालों के कहने पर उन्होंने फिर से ट्रेनिंग शुरू की और तब से लगातार आगे बढ़ रही हैं. बता दें, यह सीमा का कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू था और अपने पहले ही मैच में वह मेडल जीतकर लौटीं.
