U19 World Cup 2026: कल यानी 6 फरवरी 2026 को अंडर-19 वर्ल्ड कप का महामुकाबला खेला गया, जहां भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने पहाड़ जैसे 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के आगे इंग्लैंड की टीम इस लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रही, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से मात देकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया. इस ऐतिहासिक जीत के बाद सभी की नजरें आईसीसी (ICC) की तरफ से मिलने वाली प्राइज मनी पर टिकी थीं, लेकिन टीम इंडिया को केवल ट्रॉफी ही दिया गया. प्राइज मनी न देने के पीछे आईसीसी ने एक बड़ी वजह बताई है.
किस वजह से ICC ने नहीं दी प्राइज मनी?
भारतीय अंडर-19 टीम की खिताबी जीत के बाद आईसीसी द्वारा प्राइज मनी न देने का मुख्य कारण यह है कि आईसीसी इस टूर्नामेंट को युवा खिलाड़ियों के कौशल विकास और मेंटरशिप के लिए एक ‘डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के रूप में देखता है. आईसीसी के अनुसार, सभी प्रतिभागी देशों को उनके क्रिकेट विकास के लिए आईसीसी रेवेन्यू का एक हिस्सा पहले ही फंड के तौर पर दिया जाता है. इस टूर्नामेंट को भी उसी का हिस्सा माना गया है, इसलिए अलग से प्राइज मनी देने को आईसीसी डबल प्राइज मनी मानता है और इसी वजह से टीम इंडिया को केवल ट्रॉफी दिया गया.
खिलाड़ियों की निगाहें BCCI पर टिकी हैं
आईसीसी (ICC) की ओर से प्राइज मनी न मिलने के बाद अब सभी खिलाड़ियों की निगाहें बीसीसीआई (BCCI) पर टिकी हैं. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि बीसीसीआई जल्द ही टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए प्राइज मनी को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है. बता दें कि साल 2022 में जब यश धूल की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने विश्व कप जीता था, तब बीसीसीआई ने हर खिलाड़ी को 40 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के हर सदस्य को 25 लाख रुपये बतौर इनाम दिए थे.
