Mushtaq Ahmed: पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. पाक टीम के लिए यह दौरा किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ है. 9 सितंबर से खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से पहले पीसीबी ने अपने सात खिलाड़ी और दो कोचों की छुट्टी कर दी है. इन सब के बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद ने बोर्ड के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं, जिसका वीडियो सामने आया है.
पाकिस्तानी कोच बनने का कोई नहीं उठाएगा जोखिम
दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट में मची उथल-पुथल के बीच पूर्व दिग्गज स्पिनर मुश्ताक अहमद ने बोर्ड के रवैये और फायरिंग कल्चर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में इज्जत और सुरक्षा का माहौल नहीं होगा तब तक कोई भी टीम का कोच बनने का जोखिम नहीं उठाएगा.
🇵🇰 Mushtaq Ahmed on coaching Pakistan:
— Shadman Sakib Arnob (@arnuX05) September 7, 2026
“I would love to do that for my country, especially at this time. But sometimes you get scared when people don’t respect you and sack you because of emotional decisions. When you see people getting sacked during a tour, you get worried and… pic.twitter.com/x5BKVbqWSk
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डर के साये में खिलाड़ी
हाल ही में बीबीसी के एक इंटरव्यू में मुश्ताक अहमद से पूछा गया कि क्या आप पाकिस्तान के कोच बनना चाहेंगे? इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, अपने देश के लिए काम करना हर पाकिस्तानी क्रिकेटर का सपना होता है. वह कोच की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं. खासकर यह उनके लिए एक सही समय है. लेकिन बोर्ड में जिस तरह जल्दबाजी और जज़्बात में आकार फैसले लिए जाते हैं, उससे देश के लिए काम करने से डर लगता है. उनके मुताबिक पीसीबी के इमोशनल फैसलों कई वजह से कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी सामने डर के साये में रहते हैं.
कोचों को लंबे समय का भरोसा दे PCB- मुश्ताक अहमद
पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी मुश्ताक अहमद का कहना है कि जब लोग देखते हैं कि किसी दौरे के दौरान बिना किसी ठोस वजह से लोगों को टीम से निकाल दिया जाता है. लोग आपका सम्मान नहीं करते और कुछ फैसलों की वजह से आपको निकाल देते हैं, तो आपका भरोसा टूट जाता है.मुश्ताक के मुताबिक अगर पीसीबी अपना रवैया सुधार ले और कोचों को लंबे समय का भरोसा दे तो कई पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी टीम का हाथ थामने के लिए तैयार होंगे.
