IND vs NZ: क्रिकेट में कुछ टीमें ऐसी होती हैं जो ‘जहर’ की तरह काम करती हैं, और न्यूजीलैंड भारत के लिए वही टीम साबित हो रही है. नवंबर 2024 में जब कीवी टीम ने भारत को उसी के घर में टेस्ट सीरीज में धूल चटाई थी, तो वह रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट करियर के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ था. अब जनवरी 2026 में, न्यूजीलैंड ने फिर से भारत में वनडे सीरीज जीतकर खतरे की घंटी बजा दी है.
2024 का वो जख्म
ठीक 14 महीने पहले, न्यूजीलैंड ने भारत में 3-0 से टेस्ट सीरीज जीतकर 12 साल के अजेय रिकॉर्ड को तोड़ा था. उस हार के बाद ही रोहित शर्मा की कप्तानी और फॉर्म पर गंभीर सवाल उठे. टेस्ट टीम में ‘बदलाव के दौर’ (Transition Phase) की शुरुआत हुई. सेलेक्टर्स ने युवाओं को मौका देने की सख्त नीति अपनाई.
अब 2026 में किस पर गिरेगी गाज?
इंदौर में मिली हार के बाद ‘गंभीर युग’ में पहली बार टीम इंडिया रक्षात्मक नजर आ रही है. अब वनडे सीरीज हार के बाद टेस्ट की तरह टीम में बदलाव हो सकते हैं. बतौर बल्लेबाज गिल शानदार रहे हैं, लेकिन बतौर कप्तान इस सीरीज में उनके फैसले और मैदान पर बॉडी लैंग्वेज की आलोचना हो रही है. सीरीज के निर्णायक मैच में हार के बाद उनकी लीडरशिप क्वालिटी पर चर्चा शुरू हो गई है.
भले ही राहुल ने रन बनाए हों, लेकिन फिनिशर की भूमिका में वे और अन्य बल्लेबाज विफल रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 सिर पर है, ऐसे में मध्यक्रम में कुछ बड़े नाम बाहर किए जा सकते हैं ताकि आक्रामक युवाओं को जगह मिल सके. न्यूजीलैंड के खिलाफ बीच के ओवरों में विकेट न ले पाना भारत की सबसे बड़ी कमजोरी रही. अनुभवी स्पिनर्स का प्रभावी न होना टीम मैनेजमेंट को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर सकता है.
यह भी पढ़ें: 37 साल का सूखा खत्म, न्यूज़ीलैंड ने भारत में पहली बार जीती ODI सीरीज, टीम इंडिया की हार के ये रहे बड़े कारण
गौतम गंभीर के लिए ‘लिटमस टेस्ट’
कोच के रूप में गौतम गंभीर की छवि एक सख्त टास्कमास्टर की है. न्यूजीलैंड ने जिस तरह भारत को उसके घर में हराया है, वह गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठाता है. 37 साल बाद कीवी टीम ने भारत में वनडे सीरीज जीती है, जो किसी भी भारतीय कोच के लिए एक ‘शर्मनाक’ रिकॉर्ड है.
