sohail khan: भारतीय कूडो के उभरते हुए सितारे और ‘गोल्डन बॉय ऑफ़ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध सोहेल खान जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु (BJJ) और ग्रैपलिंग प्रशिक्षण के लिए विश्वविख्यात कोच मिको ह्यतोनेन के मार्गदर्शन में अभ्यास करेंगे. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिको ह्यतोनेन की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान आयोजित किया जा रहा है.
मिको ह्यतोनेन को विशेषज्ञों में गिना जाता है
मिको ह्यतोनेन को यूरोप के शीर्ष ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञों में गिना जाता है. वे ADCC चैंपियन सानतेरी लिलियस के शिष्य हैं और अपनी आधुनिक ग्रैपलिंग प्रणाली, उच्च-तीव्रता प्रशिक्षण पद्धतियों तथा फुल-कॉन्टैक्ट कॉम्बैट स्पोर्ट्स में BJJ के प्रभावी उपयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं. उनका भारत आगमन भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय तकनीकी ज्ञान सीधे प्राप्त होगा.
सोहेल खान इनसे ले रहे हैं प्रशिक्षण
सोहेल खान जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कूडो में किया है, वर्तमान में हांशी मेहुल वोरा, हेड कोच – कूडो इंडिया एवं संस्थापक – BJOI (Brazilian Jiu-Jitsu Organisation, India) के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं. इसके साथ ही वे अपने व्यक्तिगत कोच डॉ. मोहम्मद अजाज़ खान के अधीन भी अभ्यास कर रहे हैं, जिनकी भूमिका सोहेल के तकनीकी विकास, शारीरिक फिटनेस और दीर्घकालिक एथलीट प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है.
कूडो एक हाइब्रिड कॉम्बैट स्पोर्ट है
कूडो एक हाइब्रिड कॉम्बैट स्पोर्ट है, जिसमें स्ट्राइकिंग, थ्रो और ग्राउंड फाइटिंग का समावेश होता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए उन्नत ग्रैपलिंग और सबमिशन तकनीकों में दक्षता अनिवार्य है. ऐसे में मिको ह्यतोनेन के साथ प्रशिक्षण को सोहेल खान की वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं की तैयारी की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
इस अवसर पर सोहेल खान ने क्या कहा?
मिको ह्यतोनेन के साथ प्रशिक्षण करना मेरे लिए एक बहुत बड़ा अवसर है. ग्रैपलिंग, ट्रांज़िशन और सबमिशन सिस्टम को लेकर उनकी समझ विश्वस्तरीय है. अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में छोटी-सी तकनीकी कमी भी मैच का परिणाम बदल सकती है. यह प्रशिक्षण मुझे कूडो के उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में और मज़बूत बनाएगा. ऐसे अनुभवी कोच से सीधे सीखना मेरे खेल को नई ऊंचाई देगा.
प्रशिक्षण BJJ तकनीकों पर केंद्रित रहेगा
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पोज़िशनल कंट्रोल, सबमिशन चेन, डिफेंसिव ग्रैपलिंग और कूडो प्रतियोगिता प्रारूप के अनुसार BJJ तकनीकों के अनुप्रयोग पर केंद्रित रहेगा. इसका उद्देश्य पारंपरिक ग्रैपलिंग और वास्तविक मुकाबले की परिस्थितियों के बीच की खाई को पाटना है, जिसमें मिको ह्यतोनेन की कोचिंग पद्धति को वैश्विक स्तर पर विशेष मान्यता प्राप्त है.
ऊंचा उठाने में अहम भूमिका
हांशी मेहुल वोरा के नेतृत्व में कूडो इंडिया और BJOI द्वारा किए जा रहे प्रयास भारतीय कॉम्बैट एथलीट्स के तकनीकी स्तर को लगातार ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वहीं, डॉ. मोहम्मद अजाज़ खान का मार्गदर्शन इस पूरे प्रशिक्षण ढांचे को और अधिक पेशेवर तथा वैज्ञानिक बनाता है.
कूडो और जिउ-जित्सु खेलों की मांग तेज
मिको ह्यतोनेन की भारत यात्रा यह भी दर्शाती है कि देश में कूडो और ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु जैसे खेलों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय ज्ञान की मांग तेजी से बढ़ रही है. उनके सत्र न केवल शीर्ष खिलाड़ियों, बल्कि कोचों और प्रशिक्षकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे.
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भारत कॉम्बैट स्पोर्ट्स मंच पर मजबूत होगा
सोहेल खान का यह प्रशिक्षण अभियान भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कोचिंग संरचना के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भारतीय कूडो खिलाड़ियों को वैश्विक प्रशिक्षण मानकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति को और मजबूत कर रहा है.
