T20 World Cup 2026: ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का सफर अब रोमांचक मोड पर पहुंच चुका है. दरअसल सुपर 8 का तीसरा मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्डेडियम में खेला गया. इस मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन का स्कोर बोर्ड पर लगा दिया. इसके जवाब में रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम 111 रनों पर ऑलआउट हो गई और साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से मुकाबला जीत लिया. रविवार को साउथ अफ्रीका की भारत के खिलाफ जीत ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है.
पिछले 12 मैचों से जीतती आ रही थी टीम इंडिया
अब टी-20 वर्ल्ड कप में पिछले 12 मैचों से जीतती चली आ रही टीम इंडिया को रविवार 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले भारतीय टीम ने 10 नवंबर 2022, रविवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हार का सामना करना पड़ा था. साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार भारत टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के हिसाब से अब तक की सबसे बड़ी हार है. लेकिन अब सवाल ये उठता है कि क्या इस हार की वजह से सेमीफाइल की राह भारत के लिए लिए मुश्किल हो गई है. समीकरण क्या कहते हैं.
रन रेट का रोल होगा निर्णायक
सुपर 8 की बात करें कि 4-4 टीमों के दो ग्रुप बांटे गए हैं. हर टीम को अपने ग्रुप की बाकी 3 टीमों के साथ मैच खेलने हैं. हर जीत पर 2 अंक, नो रिजल्ट पर 1 अंक और हार 0 शून्य अंक मिलते हैं. अब अगर दो टीमों के अंक बराबर है तो फिर जिस टीम का रन रेट ज्यादा होगा वह टीम क्वालीफाई कर जाएगी. यानी आसान भाषा में कहें तो ऐसी स्थिति में नेट रन रेट का रोल काफी निर्णायक रहने वाला हैं.
सेमीफाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया?
अब हैरानी की बात ये है कि भारत को साउथ अफ्रीका के इनते रन मार्जन से हार मिली है कि फिलाहल वह प्वाइंट टेबल में चौथे नंबर पर पहुंच गई है. सबसे ज्यादा बुरी बात ये है कि भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 हो गया है. वहीं, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज ने अभी तक कोई मैच नहीं खेला है, इसलिए दोनों के 0-0 अंक हैं और नेट रन रेट 0.000 है. ग्रुप 1 जिसमें टीम इंडिया है उससे 2 ही टीमों का सिलेक्शन सेमीफाइनल के लिए होना है.
दोनों मैच और बेहतर रन रेट
अब अगर भारतीय टीम को सेमीफाइन में जगह बनानी है तो समीकरण ये है कि भारत को अपने दोनों मैच यानी जिम्बॉब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़े अंतर से जीतने होंगे. साथ ही ये भी उम्मीद करनी होगी कि दूसरी टीमों का रन रेट भी अच्छा न रहें. क्योंकि अगर तीन टीमें 2-2 जीत के साथ पहुंची तो फैसला रन रेट से होगा. ऐसे में भारत का ये खराब रन रेट उसे नुकसान पहुंचा सकता है.
