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“विराट को टेस्ट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था”, इस पूर्व क्रिकेटर का संजय मांजरेकर पर तीखा पलटवार

Virat kohli

विराट कोहली

Virat Kohli: विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और उनके मौजूदा फॉर्म को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है. पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने संजय मांजरेकर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि कोहली ने ‘आसान फॉर्मेट’ खेलने के लिए ‘कठिन फॉर्मेट’ छोड़ा है. तिवारी का मानना है कि कोहली को टेस्ट टीम छोड़ने के लिए “मजबूर” किया गया था.

“मजबूर किया गया था”—तिवारी का बड़ा दावा

संजय मांजरेकर ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि कोहली ने अधिक रन बनाने के चक्कर में टेस्ट जैसे कठिन प्रारूप को छोड़कर वनडे जैसे ‘आसान फॉर्मेट’ को चुना. इस पर मनोज तिवारी ने कहा, “मैं उनसे (मांजरेकर) सहमत नहीं हूँ. उनको मजबूर किया गया था. ऐसा माहौल बनाया गया कि उन्हें टेस्ट को अलविदा कहना पड़ा.”

तिवारी ने आगे सवाल उठाया, “फैसला भले ही उनके मुंह से निकला, लेकिन पर्दे के पीछे क्या हुआ यह सब जानते हैं. सब कुछ जानने के बाद आप यह कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने सिर्फ रनों के लिए कठिन प्रारूप छोड़ दिया?”

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वनडे में कोहली का ‘वन मैन शो’

जहां एक ओर उनके टेस्ट संन्यास पर विवाद जारी है, वहीं विराट कोहली ने वनडे सीरीज में अपने बल्ले से करारा जवाब दिया है. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई सीरीज में कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि उनका क्लास आज भी बरकरार है. कोहली ने 108 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली. 338 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने एक छोर संभाले रखा. उनकी पारी में शानदार कवर ड्राइव और पुल शॉट्स का मिश्रण था. कोहली के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई.

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