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CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता ‘नमस्ते बडी’ को देंगे सलाह, गांव के बच्‍चों को अंग्रेजी भाषा से जोड़ने का लक्ष्‍य

CoinDCX co-founder Sumit Gupta

CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता

CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता ने बच्चों को बोलचाल की अंग्रेजी सीखने में मदद करने वाले एआई प्लेटफॉर्म ‘नमस्ते बडी’ के संस्थापकों को मार्गदर्शन और सलाह देने की पेशकश की है. यह शुरुआती दौर का स्टार्टअप एआई की मदद से छोटे शहरों और गांवों के बच्चों को अंग्रेजी में बातचीत का अभ्यास कराता है. मध्य प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों में पले-बढ़े और चौथी कक्षा तक हिंदी माध्यम के स्कूल में पढ़े गुप्ता ने नमस्ते बडी जिस समस्या को हल करने की कोशिश कर रहा है, उसे अपने अनुभवों से जुड़ा पाया.

एक्स पर पोस्ट से शुरू हुई बातचीत

यह बातचीत एक्स पर शुरू हुई. गुप्ता की नजर नमस्ते बडी और बड़े शहरों से बाहर रहने वाले बच्चों के लिए अंग्रेजी बोलने के अभ्यास को आसान बनाने की उसकी सोच से जुड़ी एक पोस्ट पर पड़ी. यह विचार उन्हें मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में बिताए अपने बचपन से जुड़ा लगा. गुप्ता ने इस पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि नमस्ते बडी जिस समस्या पर काम कर रहा है, वह उनके लिए “काफी व्यक्तिगत” है. उन्होंने अपनी टीम से नमस्ते बडी के संस्थापकों से संपर्क करने को कहा, ताकि वे किस तरह मदद कर सकते हैं, इस पर बात हो सके.

स्टार्टअप के सफर पर हुई चर्चा

इसके बाद संस्थापकों के साथ करीब एक घंटे की बातचीत हुई. इसमें स्टार्टअप के सफर, वह जिस समस्या पर काम कर रहा है, टियर-2 और टियर-3 भारत में मौजूद अवसरों और आगे की राह पर चर्चा हुई. बातचीत के दौरान नमस्ते बडी के संस्थापकों ने अपने काम और स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की योजना के बारे में भी जानकारी साझा की.

छोटे शहरों और गांवों से जुड़ा है गुप्ता का अनुभव

बच्चों को बोलचाल की अंग्रेजी सीखने में मदद करने का नमस्ते बडी का मिशन गुप्ता के लिए व्यक्तिगत रूप से खास है. वह मध्य प्रदेश के कई छोटे शहरों और गांवों में पले-बढ़े हैं, जिनमें राही, जबलपुर, खंडवा और शिवपुरी शामिल हैं.

‘अगर नमस्ते बडी जैसा कुछ होता, तो फर्क पड़ता’

गुप्ता ने कहा, “जब मैं बड़ा हो रहा था, तब अगर नमस्ते बडी जैसा कुछ होता, तो इससे मेरे लिए काफी फर्क पड़ता.” उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में रहने वाले बच्चों के लिए अंग्रेजी बोलने का अभ्यास उपलब्ध होना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद कर सकता है.

अंग्रेजी बोलने के आत्मविश्वास पर जोर

नमस्ते बडी के सह-संस्थापक निखिल सिंह ने कहा, “छोटे शहरों के बच्चों के लिए अंग्रेजी सीखना अक्सर सिर्फ पहला कदम होता है. उन्हें वास्तव में अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास भी चाहिए. यह आत्मविश्वास अभ्यास से आता है और नमस्ते बडी इसी अभ्यास को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है.”

टियर-2 और टियर-3 भारत में विस्तार की तैयारी

नमस्ते बडी फिलहाल अपने प्लेटफॉर्म का विस्तार करने और टियर-2 और टियर-3 भारत में ज्यादा बच्चों तक पहुंचने पर काम कर रहा है. संस्थापकों के लिए सुमित गुप्ता के साथ हुई यह बातचीत उनके कारोबारी सफर से सीखने और कंपनी को आगे बढ़ाते हुए उनके अनुभवों से नया नजरिया हासिल करने का अवसर रही है.

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