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Padma Awards 2026: पद्म श्री-पद्म भूषण और पद्म विभूषण के पदक कहां बनते हैं, कितना होता है खर्च? जानिए

Padma Awards 2026

पद्म पुरस्कार 2026

Padma Awards 2026: भारत सरकार द्वारा हर साल 25 जनवरी को पद्म पुरस्कारों के विजेताओं के नाम घोषित किए जाते हैं.वहीं इस साल यानी 2026 में भी परंपरा के अनुसार इस सम्मान से नवाजे जाने वाले व्यक्तियों की पहली सूची सार्वजनिक कर दी गई है. इन प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों के बीच यह जानना दिलचस्प है कि इन पदकों का निर्माण किस स्थान पर किया जाता है और इनको बनाने के लिए सरकार कितना पैसा खर्च करता है.

पद्म पुरस्कार पदक कहां बनते हैं?

भारत के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के पदकों का निर्माण कोलकाता स्थित अलीपुर मिंट (टंकणशाला) में किया जाता है. यह संस्थान भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन ‘सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (SPMCIL) की एक इकाई के रूप में कार्य करता है. जानकारी के अनुसार, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ भी इसी मिंट द्वारा तैयार किया जाता है.

पद्म पुरस्कार पदक में किस भाषा का यूज होता है?

इन पदकों को बनाने में पारंपरिक मिंटिंग कला और आधुनिक गुणवत्ता मानकों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जिससे इनकी सटीकता और भव्यता सुनिश्चित होती है. प्रत्येक पदक की बनावट में कमल के फूल की आकृति प्रमुखता से अंकित होती है, जिसके साथ देवनागरी और अंग्रेजी लिपियों में शिलालेख होते हैं.

पद्म पुरस्कार किससे बने होते हैं?

सरकार पद्म मेडल पर कितना खर्च करती है? 

भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों के निर्माण पर आने वाले सटीक खर्च का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाता है, क्योंकि इनका निर्माण सरकारी मिंट में ही होता है, जिसे नियमित सरकारी विनिर्माण प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पुरस्कारों के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक लाभ, पेंशन या यात्रा सुविधाओं जैसी सुविधा नहीं दी जातीं. यह सम्मान केवल उत्कृष्ट सामाजिक योगदान और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है, न कि वित्तीय सहायता का.

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किन क्षेत्रों में पद्म पुरस्कार दिए जाते हैं?

पद्म पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य कला, विज्ञान, चिकित्सा, शिक्षा और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण कार्य, सेवा और बलिदान करने वाली विभूतियों को सम्मानित कर उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना देना है.

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