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बंद कमरे में अख‍िलेश और CJP के आशुतोष की मुलाकात! सियासी हलचल के पीछे की क्‍या है वजह

आशुतोष रांका और अख‍िलेश यादव

आशुतोष रांका और अख‍िलेश यादव

Akhilesh CJP Ashutosh Meeting: उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं. गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात हुई. यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई. मुलाकात के बाद यूपी की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

बैठक में आशुतोष रांका के साथ सीजेपी के सात अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि बातचीत का केंद्र छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे रहे. शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे विषयों पर दोनों पक्षों ने विचार साझा किए.

हालांकि, मुलाकात के बाद किसी तरह के राजनीतिक समझौते या चुनावी गठजोड़ को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन स‍ियासी गल‍ियारों में इस मुलाकात को किसी भी तरह से सामान्‍य नहीं माना जा रहा है.

सपा सांसदों के समर्थन के लिए अखिलेश को धन्यवाद

मुलाकात की एक प्रमुख वजह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ युवाओं का आंदोलन बताया जा रहा है. सीजेपी की तरफ से आयोजित प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों और नेताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया था. सपा सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी के कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों का समर्थन किया था.

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के मुताबिक, आशुतोष रांका इसी समर्थन के लिए अखिलेश यादव का आभार जताने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे, तब सपा ने सड़क से संसद तक उनकी आवाज उठाई. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी बैठक की पुष्टि की है. सपा ने फिलहाल इसे गैर-राजनीतिक मुलाकात बताया है.

युवाओं पर फोकस, 2027 की तैयारी?

हालांकि बैठक को धन्यवाद तक सीमित बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सीजेपी और सपा की आवाज कई मौकों पर एक जैसी रही है. ऐसे में दोनों के बीच मुद्दा आधारित सहयोग की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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