Akhilesh Yadav UP Strategy: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव को लेकर विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई. सबसे ज्यादा चर्चा पार्टी के सीनियर नेता रामगोपाल यादव के नाम की है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें एक बार फिर राज्यसभा भेजने की तैयारी की जा रही है.
सपा की रणनीति यहीं खत्म नहीं होती. पार्टी अपनी संख्या के आधार पर दो उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है. लेकिन, अखिलेश यादव तीसरा प्रत्याशी भी मैदान में उतारने का संकेत दे चुके हैं. यही तीसरी सीट चुनाव का सबसे अहम पहलू बन सकती है, क्योंकि इसके लिए सपा को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.
किन नामों पर हो रहा मंथन?
दूसरे संभावित नामों में पूर्व मुख्य सचिव और सपा से जुड़े रणनीतिकार आलोक रंजन का नाम प्रमुखता से सामने आया है. इसके अलावा पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी के नाम पर भी चर्चा है. शेरवानी बदायूं से पांच बार सांसद रह चुके हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सपा उम्मीदवार के पक्ष में काम किया था.
आलोक रंजन को लेकर भी सपा के भीतर चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाया था, हालांकि तब वे चुनाव नहीं जीत सके थे. इस बार उनका नाम फिर सामने आने से उनकी दावेदारी को लेकर अटकलें तेज हैं.
तीसरे उम्मीदवार की चर्चा क्यों हुई तेज?
तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा की रणनीति में PDA समीकरण भी अहम माना जा रहा है. पार्टी के भीतर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक चेहरे को मौका देने की चर्चा है. ऐसे में अंतिम नाम सामने आने तक कई संभावनाएं बनी हुई हैं.
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी. ऐसे में सपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने पर अतिरिक्त समर्थन और क्रॉस वोटिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
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