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30 लाख दीयों से जगमगाई अयोध्या नगरी, उपराष्ट्रपति और CM योगी ने की रामलला की आरती

Ayodhya Deepotsav

अयोध्या दीपोत्सव

​Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के अवसर पर भव्य आयोजन किया जा रहा है. सरयू तट से लेकर राम की पैड़ी तक लाखों दीयों की रोशनी से शहर जगमगा उठा है. इस वर्ष करीब 30 लाख दीये जलाकर नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी की गई है. दीपावली से एक दिन पहले आयोजित इस समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए.

तीनों ने प्रभु श्रीरामलला की आरती कर पूजा-अर्चना की. इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि भी मौजूद रहे. उन्होंने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया.

56 घाटों पर दीपोत्सव, 2151 वेदाचार्यों ने की महाआरती

अयोध्या में वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से दीपोत्सव का आयोजन लगातार किया जा रहा है. इस बार भी रामनगरी में उत्सव को भव्य रूप देने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर दीपोत्सव मनाया जा रहा है. राम की पैड़ी पर दीप जलाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. लाखों दीपों के एक साथ प्रज्ज्वलित होने से घाटों का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई दिया. श्रद्धालु इस मनमोहक दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए.

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण 2,100 स्वदेशी ड्रोन से आयोजित शो रहा. आसमान में उड़ते ड्रोन के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया. इसके अलावा भव्य लेजर शो और आकर्षक लाइटिंग ने भी लोगों का ध्यान खींचा. सरयू तट पर रोशनी से सजे घाटों और आसमान में उभरती आकृतियों ने दीपोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया.

राम मंदिर निर्माण के 500 साल के संघर्ष की प्रदर्शनी

दीपोत्सव 2026 में राम मंदिर निर्माण के लिए करीब 500 वर्षों तक चले संघर्ष को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है. इसमें इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को दर्शाया गया, ताकि लोग मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को जान सकें.

‘अयोध्या के कण-कण में राम’, बोले CM योगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के कण-कण में भगवान राम का वास है. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे देश की चेतना और आत्मसम्मान का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.

हेलीकॉप्टर से पहुंचे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप

दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों का हेलीकॉप्टर से सरयू तट पर आगमन भी आकर्षण का केंद्र रहा. यहां हनुमान का रूप धारण किए बच्चों ने उनका स्वागत किया. लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने की खुशी को इस प्रस्तुति के जरिए जीवंत किया गया. पूरे आयोजन के दौरान रामनगरी में धार्मिक उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीपों की रोशनी का अद्भुत संगम देखने को मिला.

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