Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर के भविष्य के प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर के संचालन को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और संस्थागत स्वरूप देना रहा है. इस दौरान नए ट्रस्टियों की नियुक्ति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया, आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने जैसे विषय एजेंडे में शामिल रहे.
बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने पर भी चर्चा हुई. प्रस्ताव रखा गया कि तीन नए ट्रस्टियों को शामिल कर बोर्ड को और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और धार्मिक फैसले अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकें.
धार्मिक समिति का पुनर्गठन
मंदिर की पूजा-पद्धति की परंपरागत शुद्धता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन भी किया गया. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को धार्मिक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.
बैठक में इसके साथ ही धार्मिक मामलों के समन्वय के लिए एक अलग समिति की भूमिका को भी मजबूत करने पर विचार हुआ, जिससे पूजा-पद्धति, धार्मिक कार्यक्रमों और परंपराओं से जुड़े निर्णय व्यवस्थित रूप से लिए जा सकें.
CEO की नियुक्ति कब होगी?
बैठक का सबसे चर्चित विषय ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति रहा है. इस पद के लिए देशभर से 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कई सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारी भी शामिल हैं. चयन समिति सभी आवेदनों की जांच कर योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रही है. इसके बाद अंतिम नाम ट्रस्ट के समक्ष रखा जाएगा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा. कुल मिलाकर इस प्रक्रिया में अभी भी समय लग सकता है.
ट्रस्ट के आधिकारिक प्रवक्ता की जल्द होगी नियुक्ति
ट्रस्ट के आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई. इस नियुक्ति के पीछे का उद्देश्य यह है कि मंदिर से जुड़े सभी आधिकारिक बयान, निर्णय और सूचनाएं एक अधिकृत माध्यम से जारी हों, जिससे भ्रम की स्थिति न बने और जनता तक प्रमाणिक जानकारी पहुंचे. ट्रस्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक व्यवस्था समय की आवश्यकता है.
बैठक में हाल के घटनाक्रमों और मंदिर प्रबंधन से जुड़े अन्य विषयों की भी समीक्षा की गई. ट्रस्ट ने संकेत दिए कि आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में कई और फैसले लिए जा सकते हैं.
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