Stamp Duty Fraud Case Filed: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में टोल वसूली के लिए 333.65 करोड़ रुपए का एग्रीमेंट हुआ, जिसमें स्टाम्प पेपर के नाम पर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया. जांच में पाया गया कि टोल एग्रीमेंट पर केवल 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर एग्रीमेंट कर दिया गया. फिलहाल, डीआईजी ने जांच के बाद 13.34 करोड़ रुपए के स्टाम्प चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी है.
क्या है मामला?
दरअसल, 10 अक्तूबर 2024 को यूपीडा ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर टोल वसूलने के लिए एक निजी कंपनी को 2 सालों के लिए लीज पर दिया था. निजी कंपनी के पास 333.65 करोड़ रुपए में ठेका था, जिसमें नियमों के अनुसार 4 प्रतिशत (13.34 करोड़) स्टाम्प ड्यूटी के रूप में जमा करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इस दौरान सिर्फ 100 रुपए के स्टाम्प में एग्रीमेंट कर लिया गया, जिसमें सरकार को राजस्व में भारी चपत लगी.
निजी टोल कंपनी ने किया हेरफेर
डीआईजी स्टाम्प रईस अहमद ने बताया कि जब इस मामले की जानकारी मिली, तो टोल कंपनी से कागजात मांगे, लेकिन उन्होंने नहीं दिया. फिर विभाग ने जांच की तो स्टाम्प ड्यूटी में भारी गड़बड़ी मिली. जिसके बाद मामला दर्ज कर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई.
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स्थानीय लोगों ने मिलीभगत का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने यूपीडा के अधिकारियों और टोल कंपनी की मिलीभगत बताया है. उनका आरोप है कि इतनी बड़ी चोरी बिना मिलीभगत के संभव ही नहीं है. फिलहाल, विभागीय जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं डीआईजी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया जारी है.
