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‘मेरी जिंदगी खुली पुस्तक है…’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- सभी तथ्य सामने आ जाएंगे

Champat Rai

चंपत राय

Champat Rai: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक चिट्ठी शेयर की है. इसमें चंपत राय ने SIT जांच रिपोर्ट का जिक्र किया है. इसके साथ लिखा कि सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जाएंगे.

चंपत राय ने चिट्ठी में क्या लिखा?

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि मैंने मौन धारण कर लिया है. चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि चंपत राय की पाती रामभक्तों के नाम. पिछले 7 साल 2026 से श्री रामजन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गई, चोरी के संबंध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं. व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों ने अनर्गल आरोप लगाए हैं. मैंने मौन धारण कर लिया है.

सत्य सामने आ जाएगा – चंपत राय

चंपत राय ने चिट्ठी में आगे लिखा कि मंदिर ट्रस्ट की 6 जुलाई 2026 को बैठक हुई, इसमें SIT की रिपोर्ट पेश की गई. यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है. यद्यपि ये परम गोपनीय थी. आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाए जा रहे सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जाएंगे.

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‘मेरा जीवन खुली पुस्तक के समान’

पूर्व महासचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट में रामचरितमानस की चौपाई, ‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी’ का उल्लेख किया. इसके साथ ही चिट्ठी में अपने जीवन के अनुभव के बारे में बताया. उन्होंने लिखा कि मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में संगठन द्वारा भेजा गया हूं. मेरा प्रचारक जीवन 45 साल का रहा है. मैं जहां-जहां रहा, खुली पुस्तक के समान है. सभी को आदर पूर्वक नमन.

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