मेरठ में दलित छात्रा की मौत के बाद वोट बैंक पॉलिटिक्स, सपा-बसपा के बाद बीजेपी नेता भी हुए एक्टिव

Meerut News: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने दिल्ली आवास पर ललिता के परिजनों से मुलाकात की है. जिसके बाद यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है.
Mayawati Akhilesh Yadav

अखिलेश यादव ने ललिता के परिजनों से की मुलाकात

Lalita Gautam Murder Case: मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या पर अब राजनीति शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने दिल्ली आवास पर ललिता के परिजनों से मुलाकात की है. वहीं मायावती ने भी इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है, जिसके समर्थन में भाजपा नेता संगीत सोम भी उतर आए हैं. फिलहाल, ललिता हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

उत्तर प्रदेश में राजनीति हो और उसमें जाति का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. क्योंकि यूपी की राजनीति की धुरी जातिवाद के इर्दगिर्द ही घूमती रहती है. सभी दलों का जातियों को साधने का पूरा प्रयास रहता है. ललिता मेरठ के दलित परिवार से आती थी. ऐसे में दलितों के वोट बैंक को साधने के लिए सभी दलों के नेता उसके घर पहुंच रहे हैं और परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं. इसी बीच अखिलेश यादव ने भी दिल्ली में ललिता के परिवारों से मुलाकात की है. इस मुलाकात को लेकर मायावती ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है, जिसका समर्थन भाजपा नेता संगीत सोम ने किया है.

मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी), दूसरी पार्टियों की तरह अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिये धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व प्राइवेट सम्पत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिसंक घटनाओं तथा हवाहवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है. बी.एस.पी. देश की एकमात्र ऐसी अम्बेडकरवादी पार्टी है जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहां सर्वसमाज में भी खासकर गरीबों, मजदूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है.

दलितों को भटकाने के लिए कई पार्टियां एक्टिव

आगामी चुनाव में बसपा की बढ़त को देखते हुए अपने साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों के तहत कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के अन्य विभिन्न अंगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुए हैं, जबकि शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों को अच्छी तरह से मालूम है कि मायावती के नेतृत्व वाली सरकार ही उनकी सभी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक समस्याओं का उसी प्रकार से बेहतरीन निदान है.

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फिलहाल, ललिता हत्याकांड के बाद यूपी में दलित वोट बैंक को साधने के लिए हर दल अपनी राजनीति चमकाने में लगा हुआ है. अखिलेश यादव ने जहां ललिता के परिजनों से मुलाकात की है, तो वहीं भाजपा नेता संगीत सोम ने मायावती के बयानों का समर्थन किया है.

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