रिपोर्ट – शिव सिंह, हमीरपुर
Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 12 साल की किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के करीब चार साल पुराने मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने जितेंद्र उर्फ कल्लू, अनिल कुमार, धर्मेंद्र उर्फ पुन्नू और कैलाश को अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराया. चारों पर कुल 82 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
23 जुलाई 2022 की रात घर से लापता हुई थी किशोरी
मामला हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र के एक गांव का है. किशोरी के पिता ने 27 जुलाई 2022 को पुलिस को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनकी 12 वर्षीय बेटी 23 जुलाई की रात करीब एक बजे घर से लापता हो गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने गांव के ही जितेंद्र उर्फ कल्लू और अनिल कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी.
बरामदगी के बाद दर्ज हुए किशोरी के बयान
किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया. इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष भी किशोरी के बयान दर्ज किए गए. पुलिस के अनुसार, किशोरी ने अपने बयान में बताया था कि रात के समय पांच लोग उसे जबरन घर से लेकर गए थे.
पुल के पास सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने पुल के पास उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इसके बाद आरोपी उसे पास के एक गांव में ले गए. अगले दिन उसे कानपुर के रास्ते गाजियाबाद के एक गांव ले जाया गया. आरोप था कि किशोरी को वहां करीब एक माह 21 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसके साथ मारपीट और यातनाएं देने का भी आरोप लगाया गया था.
किशोरी के बयानों के आधार पर बढ़ाई गईं धाराएं
किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र उर्फ पुन्नू, मनोज और चौकीदार कैलाश के नाम भी मुकदमे में शामिल किए. इसके साथ ही दुष्कर्म समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गईं. विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया. इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में शुरू हुई.
चार दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा
विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने जितेंद्र उर्फ कल्लू, अनिल कुमार, धर्मेंद्र उर्फ पुन्नू और कैलाश को धारा 376डीए के तहत आखिरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
अपहरण और घर में घुसने के मामले में भी सजा
अदालत ने चारों दोषियों को धारा 363 के तहत सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. इसके अलावा धारा 450 के तहत भी चारों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है. जितेंद्र उर्फ कल्लू को धारा 324 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है.
सुनवाई के दौरान एक आरोपी की हो गई थी मौत
इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था और सभी के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई थी. सुनवाई के दौरान आरोपी मनोज की मौत हो गई. न्यायालय ने 30 अप्रैल 2025 को उसकी मृत्यु के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी थी. इसके बाद शेष चार आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही. करीब चार साल बाद बुधवार को अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आखिरी सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई.
