Vistaar NEWS

19 दिन का निलंबन खत्म! फिर मिली फील्ड पोस्टिंग, विनोद साहनी केस में SHO की वापसी से हलचल

vinod murder case

गोंडा विनोद साहनी हत्याकांड

Vinod Sahani Murder Case: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. हत्याकांड के बाद तत्कालीन परसपुर थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी को सस्पेंड किया गया था. हालांकि 19 दिन बाद ही चतुर्वेदी को बहाल कर द‍िया गया है. इसके साथ ही इस बार उन्‍हें फील्ड पोस्टिंग देते हुए भंभुआ चौकी का प्रभारी बनाया गया है. प्रशासन के इस फैसले के बाद अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

दरअसल, 9 सितंबर को रेक्सड़िया निवासी बर्तन कारोबारी विनोद साहनी पर हमला हुआ था. गंभीर रूप से घायल विनोद को इलाज के लिए लखनऊ के KGMU ले जाया गया, जहां 10 सितंबर को उनकी मौत हो गई. घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे.

संजय निषाद की पार्टी ने खोल दिया था मोर्चा

मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी. विनोद की मौत के बाद हत्या से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गईं. इसी दौरान निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने पुलिस कार्रवाई को लेकर धरना दिया था.

 उन्होंने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद तत्कालीन SHO कमल शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और एक बीट आरक्षी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे.

19 दिन का सस्पेंशन?

अब निलंबन के 19वें दिन कमल शंकर चतुर्वेदी की बहाली कर उन्हें भंभुआ चौकी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. खास बात यह है कि बहाली के साथ उन्हें दोबारा फील्ड में तैनाती मिली है. इसी वजह से स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

विनोद साहनी हत्याकांड की जांच और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. ऐसे में निलंबित SHO की बहाली और नई तैनाती को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस विभाग के तबादला आदेश चर्चा में हैं.

ये भी पढ़ें:BJP में सेंध लगाने की तैयारी? अखिलेश बोले- कई विधायक संपर्क में, लेकिन सपा में लाएं कैसे?

Exit mobile version