Vistaar NEWS

UP चुनाव के लिए कांग्रेस के सामने अखिलेश रख सकते हैं कई शर्तें, दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक

Rahul Gandhi And Akhilesh Yadav

राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव (File Photo)

INDIA Alliance Delhi Meeting: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को इस बार INDIA गठबंधन किसी भी हाल में अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती है. इसके लिए सभी विपक्षी दल एकजुट होते नजर आ रहे हैं. यूपी चुनाव में विपक्ष की भूमिका में सपा और कांग्रेस सबसे आगे हैं. दोनों के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन अभी तक शीट शेयरिंग को लेकर फॉर्मूला अभी तक हल नहीं हो पाया है. हाल में सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए थे, जिसके बाद दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई है.

दिल्ली में होने जा रही इंडिया गठबंधन की इस बैठक में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है. देखना यह होगा कि सपा और कांग्रेस कैसे इस गठबंधन की गांठ को सुलझाती है.

कांग्रेस से मांगी जा सकती है सीटों की लिस्ट

जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी सीट बंटवारे को लेकर अपना रुख क्लियर कर लिया है. बैठक के दौरान कांग्रेस पार्टी से उसके संभावित प्रत्याशियों या सीट की लिस्ट मांग सकती है. हालांकि, यूपी चुनाव को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कुछ क्लियर नहीं हो पाया है. क्योंकि सीट शेयरिंग को लेकर सपा ने कई मांगें रखी हैं. वहीं, कई ऐसी सीटें हैं, जहां पर कांग्रेस और सपा दोनों अपना प्रत्याशी उतारना चाहते हैं.

चुनाव जीतने पर अखिलेश का फोकस

सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव का पूरा फोकस सीटों की संख्या पर नहीं, बल्कि चुनाव जीतने पर है. इसलिए समाजवादी पार्टी चाहती है कि कांग्रेस जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. वह अपने उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट करे. इसके साथ ही दावेदारी कर रही सीटों पर जनाधार और राजनीतिक आधार को भी स्पष्ट करे.

ये भी पढ़ेंः ‘सपा-कांग्रेस का गठबंधन नहीं ‘ठगबंधन’…’, योगी के मंत्री ओपी राजभर ने फिर विपक्ष पर साधा निशाना

सपा-कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती

सपा इस बैठक में यह भी चर्चा करेगी कि गठबंधन का मुख्य लक्ष्य हर हाल में चुनाव जीतना होना चाहिए. फिलहाल, अभी से चुनाव की तैयारियों के लिए सीट शेयरिंग, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने पर फोकस किया जा रहा है. ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सकें. अब देखना यह होगा कि सपा और कांग्रेस कैसे इस गठबंधन की गांठ को सुलझा पाती है.

Exit mobile version