Alive Woman Reaches SDM Office: झांसी के मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र की रहने वाली राजाबाई की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी. इसलिए उनका नाम सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन में जोड़ दिया, लेकिन तीन महीने पैसे मिलने के बाद ही उनको उनकी पेंशन बंद हो गई. जब इसकी जानकारी राजाबाई को लगी तो उन्होंने एसडीएम कार्यालय जाकर पेंशन दिलाने की गुहार लगाई. इस दौरान जो जानकारी सामने आई. वह चौंकाने वाली है. जानें क्या है पूरा मामला?
साहब, मैं जिंदा हूं… यह कहना है कि धौरा गांव की रहने वाली राजाबाई का. क्योंकि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया. राजाबाई ने अधिकारियों के सामने खड़े होकर पूछा, कैसे पता चला कि अब मैं इस दुनिया में नहीं हूं. मेरी मौत हो चुकी है. राजाबाई के इन सवालों ने प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े कर दिए.
अधिकारियों का लापरवाही का आरोप
राजाबाई के मुताबिक, अगर अधिकारी सही तरीके से जांच करते तो पता चल जाता कि महिला अभी जिंदा है. सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया गया यानी कि अधिकारियों ने अपने काम में लापरवाही बरती. अधिकारियों की इस लापरवाही की वजह से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब उम्र भी ज्यादा है, जिसकी वजह से काम करना भी मुश्किल हो रहा है. ऐसे में रोजी-रोटी पर संकट मंडराया हुआ है.
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एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
फिलहाल, बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर मऊरानीपुर एसडीएम मनोज कुमार भारती ने मामले को संज्ञान में लिया है और समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजकर मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं. अब जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा कि राजाबाई को कैसे सरकारी रिकॉर्ड से मृत कर दिया गया. लेकिन इस घटना को लेकर लोग प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
