बहन के सामने कपडे़ उतरवाए, पैर दबवाए और नचवाए… शिवा मर्डर केस में आरोपियों का कबूलनामा

Lucknow Shiva Sharma Murder Case: श्रद्धा दुबे ने शिवा को ब्लैकमेल करने के लिए उसके आपत्तिजनक वीडियो भी बना रखे थे. इतना ही नहीं, शिवा को डराने के लिए बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं के साथ पार्टी की फोटो भी दिखाती थी.
Lucknow Shiva Sharma Murder Case

शिवा मर्डर केस में आरोपियों का कबूलनामा

Accused Confession In Police Probe: लखनऊ के चर्चित करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश ने पुलिस की पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं. आरोपियों ने कबूल किया कि शिवा को कई बार खूब जलील किया गया और उसे मानसिक-शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया. इतना ही शिवा के कई आपत्तिजनक वीडियो भी बना रखे थे, ताकि उसे जब और जैसे चाहें ब्लैकमेल कर सकें.

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि शिवा को जलील करने के लिए उसके कपड़े तक उतरवाए जाते थे. इस दौरान तीनों आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन, ड्राइवर आमिर और दानिश भी मौजूद होता था. सबसे सामने ही जलील करते और शरीर पर लिपिस्टिक पोतकर उसे डांस करने पर मजबूर किया जाता था. यानी कहा जा सकता है कि आरोपियों ने उसे पूरी तरह से अपने वश में कर लिया था. जैसा चाहते थे. शिवा को मजबूरी में वैसा ही करना पड़ता था. पैर तक दबवाया जाता था.

आपत्तिजनक वीडियो से करती थी ब्लैकमेल

श्रद्धा दुबे ने शिवा को ब्लैकमेल करने के लिए उसके आपत्तिजनक वीडियो भी बना रखे थे. इतना ही नहीं, शिवा को डराने के लिए बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं के साथ पार्टी की फोटो भी दिखाती थी. इसी प्रभाव के चलते धौंस जमाते हुए हजरतगंज थाने में एक FIR भी दर्ज कराई थी. श्रद्धा लोगों को अपने झांसे में लेने के लिए एक कैफे में बैठकर प्लान बनाती थी. शिवा शर्मा से भी पहली बार इसी कैफे में मुलाकात हुई थी.

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कैफे संचालक भी फरार

इस मामले में पुलिस कैफे संचालक से भी पूछताछ करने का प्रयास की, लेकिन वह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कैफे बंद कर फरार हो गया. पुलिस ने अब उसकी भी तलाश शुरू कर दी है. बाकि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी नागपुर से हुई थी. जिन्हें पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो उन्हें न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया. कोर्ट ने तीनों को 13 नवंबर तक न्यायायिक हिरासत में रहने के आदेश दिए हैं. फिलहाल, आरोपियों के कबूलनामे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं.

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