Lucknow Crime News: अक्सर लोग अपने शौक पूरे करने के लिए किस्तों पर मोबाइल खरीदते हैं. बड़ा अमाउंट एक साथ नहीं दे पाते इसलिए हर महीने EMI देते हैं. कभी किस्त भरना भूल जाते हैं या किसी वजह से नहीं भर पाते हैं तो ज्यादा से ज्यादा क्या होता है? पेनाल्टी लग जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के लखनऊ से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक दुकानदार ने युवक के किस्त ना भरने पर उसका खून निकलवा लिया. पीड़ित को बंधक बनाकर रखा गया और मजदूरी भी कराई.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के पुरहिया गांव का है. यहां रहने वाले पीड़ित नेवल ने जीरो डाउन पेमेंट स्कीम के तहत सैमसंग कंपनी का 21,500 रुपये का मोबाइल खरीदा था. इसकी हर महीने की किस्त 2799 रुपये तय हुई थी, जिसे 12 महीनों तक भरना था. दो महीने बाद जब वह किस्त नहीं भर पाया तो दुकान और कंपनी से कुछ लोग पीड़ित घर पहुंचे और मोबाइल छुड़ाकर ले गए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब किस्त जमा करोगे तो मोबाइल मिल जाएगा.
ब्लड बैंक लेकर निकलवाया खून
मोबाइल छिनने के बाद बहुत दिनों तक मामला शांत रहा. इसके बाद 8 सितंबर को दो लोग बाइक से नेवल के गांव वाले घर पर पहुंचते हैं. उससे कहा कि दुकान पर कुछ बात करनी है फिर लौटा आना. नेवल दोनों बाइक सवार के साथ चला गया. आरोपियों ने उसे दुकान पर ले जाने के जगह लखनऊ ले गए. जहां एक अस्पताल में ले जाकर उस पर दबाव बनाया गया और एक यूनिट खून निकलवा लिया.
मामला यहीं शांत नहीं हुआ. इसके बाद आरोपी उसे गांव नहीं ले गए बल्कि लखनऊ स्थित एक कमरे में बंद कर दिया. जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया, उससे मजदूरी कराई गई. 9 सितंबर को आरोपियों ने नेवल से जबरदस्ती बड़े भाई राजकुमार को फोन लगवाया और 2600 रुपये की मांग की. राजकुमार ने 2799 रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद भी आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा. इसके उलट उसके साथ मारपीट की और 12 हजार रुपये की मांग रख दी. साथ ही कहा कि पैसे मिलेंगे, तभी जिंदा छोड़ेंगे.
ये भी पढ़ें: चले थे गुड्डू पंडित बनने, उतर गया भूत! आगरा में दो युवकों ने लगाया घोड़े का इंजेक्शन, फिर भी नहीं जीत पाए दौड़
रैपिडो बुक करके घर भेजा
पैसे मांगे जाने से तंग आकर राजकुमार ने 12 सितंबर को निगोहां थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई. जैसे ही पुलिस ने आरोपियों से संपर्क किया तो वे घबरा गए. 4 दिनों तक बंधक रखने के बाद आरोपियों ने नेवल के लिए रैपिडो बाइक बुक की और उसे लखनऊ से घर के लिए रवाना कर दिया. जब वह घर पहुंचा तो परिजनों को उसके शरीर पर चोट के निशान मिले. आरोपियों के खिलाफ धारा 143(3), 146, 127(3) और 115(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
