Saints Demand Pakistan Deportation: उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसकी वजह से भारी बवाल मच गया. इस दौरान अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताया और भगवद् गीता के श्लोक का गलत अर्थ निकालते हुए उन्हें 5 वक्त का नमाजी कह बताया. जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो हिंदू संगठनों और साधु-संतों ने नाराजगी जताते हुए आस्था के साथ खिलवाड़ बताया. अब मौलाना के ऊपर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग को लेकर साधु-संत अड़े हुए हैं.
सोशल मीडिया पर मौलाना के बयान की वीडियो वायरल होने के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य संतों ने गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह बयान हिंदुओं की आस्था पर सीधा आघात है. मौलाना के बयान पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य करीब 5,000 साल पहले हुआ था, जबकि इस्लाम का इतिहास सिर्फ 14,00 साल पुराना है.
अब जा के लगा कि UP में चुनाव चढ़ने वाला है ..
— Kanhaiya Shukla (@Kanhaiyaa) July 16, 2026
UP के चुनाव में जीत-हार का फ़ैसला सिर्फ़ शब्दों से तय होता है ..चुनाव के पहले धार्मिक और जातिगत टिप्पणियां ही #UP में जीत का मूलमंत्र है ..!
झारखंड में एक धार्मिक सभा के दौरान UP के रहने वाले इस्लामिक स्कॉलर मौलाना जरजिश अंसारी ने… pic.twitter.com/wTev6oNBrL
गलत बयान देने वालों को भेजा जाए पाकिस्तान
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मौलाना द्वारा दिया गया बयान बेहद ही घटिया है. उन्हें हिंदू समाज से इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. भगवान के बारे में गलत बयान देने वालों के तुरंत पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए. महेंद्र प्रताप की इस मांग का समर्थन साध्वी इंदुलेखा ने भी किया है. इंदुलेखा ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है.
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गिरफ्तारी की उठी मांग
फिलहाल, मौलाना के इस बयान के बाद हिंदू समाज में काफी नाराजगी है. सभी एकजुट होकर मौलाना के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाने और तुरंत गिरफ्तारी करने की मांग की है.
