UP Politics: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती इन दिनों अपने परिवार को लेकर सुर्खियों में हैं, दो दिन पहले ही अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किया, तब चर्चा शुरू हुई कि क्या मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद का पार्टी में कद बढ़ेगा, लेकिन मायावती के एक पोस्ट ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया और मायावती ने BSP में परिवार की भूमिका को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है. जिसके बाद आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद अब ईशान आनंद को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है.
बसपा में इन दिनों संगठन और परिवार के बीच खींचतान देखने को मिल रही है. मायावती के परिवार में चल रही हलचल अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है. परिवार और संगठन में बदलाव को लेकर खुद मायावती लगातार पोस्ट कर रही हैं.
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब…
— Mayawati (@Mayawati) September 12, 2026
आनंद परिवार को लेकर पिछले कुछ दिनों में BSP के भीतर लगातार बड़े फैसले हुए हैं. मायावती ने पहले आकाश आनंद को पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से हटाया और बाद में उन्हें BSP से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा कर दी. यह घटनाक्रम आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद भी हुआ. 10 सितंबर को मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया. सोशल मीडिया पर चल रही हलचल के बीच ही ईशान आनंद के प्रोफाइल को बसपा के ऑफिशियल हैंडल के प्रमोट करने के लिए कहा गया.
मायावती ने भाई को दी सलाह
जिसके बाद कयास लगाया जाने लगा कि ईशान आनंद ही मायावती के उत्तराधिकारी हो सकते हैं. लेकिन ठीक दो दिन बाद मायावती ने एक और पोस्ट किया, जिसमें मायावती ने अपने भाई और BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है. मायावती ने अपने पोस्ट में साफ किया है कि आनंद कुमार जरूरत पड़ने पर केवल अपनी बेटी दीपिका आनंद से मदद ले सकते हैं. उनके इस बयान को BSP में परिवार के सदस्यों की राजनीतिक भूमिका को लेकर मायावती के बदले हुए रुख से जोड़कर देखा जा रहा है.
आपको ये भी बता दें कि अभी हाल ही में BSP में मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी मिली थी. ईशान आनंद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर कई राज्यों के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. रिपोर्टों के मुताबिक ईशान को करीब 15 राज्यों में पार्टी की गतिविधियों पर नजर रखने और संगठन की स्थिति की रिपोर्ट देने का दायित्व मिला था. तब पूरे देश में चर्चा तेज हुई थी कि क्या मायावती आकाश आनंद की जगह ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ा रही हैं. लेकिन अब मायावती ने शनिवार को एक और पोस्ट किया और संदेश पार्टी के साथ साथ पूरे परिवार को भी दे दिया कि मायावती के लिए पार्टी सर्वोपरि है.
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पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत!
पिछले कुछ समय से मायावती इसी बात पर जोर दे रही हैं कि बीएसपी में व्यक्तिगत या पारिवारिक हित पार्टी और बहुजन आंदोलन से ऊपर नहीं हो सकते. आकाश आनंद को पार्टी से अलग करते समय भी उन्होंने इसी बात को आधार बनाया था. मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के लिए भी यह स्पष्ट किया है कि उन्हें पारिवारिक स्तर पर सहायता की जरूरत हो तो वो सिर्फ अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद से मदद ले सकते हैं. इन सभी हलचलों के बाद अब एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या यूपी में होने वाले 2027 विधानसभा चुनाव से पहले BSP में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हो सकते हैं?
