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महंगे जूते, लंदन में पढ़ाई फिर बुआ मायावती के साथ साए की तरह राजनीतिक मंचों पर एंट्री…आकाश आनंद की पूरी कहानी…

akash anand and mayawati

आकाश आनंद और मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी से बाहर कर दिया है. कुछ दिनों पहले ही मायावती ने आकाश को ‘अपरिपक्व’ बताया था और कहा था कि अभी ये बड़ी जिम्मेदारी संभालने के काबिल नहीं हैं. दरअसल, मायावती की पार्टी लंबे समय से यूपी की सियासत में हाशिए पर है और बसपा सुप्रीमो को एक अदद ‘उत्तराधिकारी’ की तलाश है जो अभी फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है. बसपा सुप्रीमो मायावती के परिवार में उनके अलावा 6 भाई और 2 बहनें हैं. उनके भाईयों का नाम आनंद कुमार, सिद्धार्थ कुमार, सुभाष कुमार, राजवीर सिंह, जितेंद्र कुमार और प्रवीन कुमार हैं. मायावती अपने भाई बहनों में दूसरे नंबर पर हैं.

आकाश ने लंदन से की पढ़ाई

मायावती के सबसे छोटे भाई आनंद के बेटे हैं आकाश आनंद, जिन्होंने लंदन से MBA की पढ़ाई की, इसके बाद भारत वापस लौटे तो अपनी बुआ मायावती के साथ पार्टी में एक्टिव हो गए. वैसे तो मायावती ने खुले मंच से परिवारवाद का विरोध किया था..लेकिन मायावती के भाई आनंद अक्सर पारिवारिक आयोजनों से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों में भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए. बीएसपी संगठन से लेकर उनके व्यापार में भी बेहद सक्रिय भूमिका में नजर आए. जब आनंद के बेटे आकाश लंदन से लौटे तो वो भी अपनी बुआ के साथ हर राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने लगे. फिर लोग धीरे-धीरे आकाश को ही बुआ मायावती का उत्तारधिकारी मानने लगे.

मायावती के साथ साए की तरह रहने लगे थे आकाश

सबसे पहले मायावती ने साल 2017 में सहारनपुर की एक रैली में पहली बार अपने भतीजे आकाश आनंद को मंच पर पेश किया. हालांकि इसके बाद आकाश आनंद की ज्यादा चर्चा नहीं हुई. आकाश आनंद सुर्खियों में आए साल 2019 की शुरूआत में, तारीख थी 12 जनवरी 2019.. जब अखिलेश यादव और मायावती ने एक साथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लोकसभा चुनाव साथ लड़ने का ऐलान किया. अखिलेश यादव ने मायावती को इशारों-इशारों में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर डाला. तब उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा महागठबंधन की चर्चा सुर्खियों में थी. बुआ मायावती और भतीजे अखिलेश की जोड़ी हिट चल रही थी. लेकिन इसी बीच उनके साथ साए कि तरह एक स्मार्ट युवा नजर आने लगा. 12 जनवरी 2019 को भी ये युवा मायावती के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचा.

मायावती के ‘उत्तराधिकारी’ के तौर पर देखे जाने लगे आकाश

इसके ठीक एक दिन बाद यानी 13 जनवरी 2019 को आरजेडी नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव लखनऊ में मायावती से मिलने पहुंचे. इस दौरान भी आकाश आनंद बुआ मायावती के साथ खड़े नजर आए. चर्चा तब भी खूब हुई. लेकिन ठीक दो दिन बाद यानी 15 जनवरी 2019 को मायावती के जन्मदिन पर आकाश आनंद की चर्चा तब और तेज हो गई, जब उनके जन्मदिन पर बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने मायावती के बॉडीगार्ड को हटाकर आकाश आनंद को उनके बगल में खड़ा किया. इसके बाद हर जगह यही चर्चा रही कि आकाश आनंद ही मायावती के उत्तराधिकारी होंगे.

महंगे जूते और जैकेट ने बटोरी सुर्खियां

आकाश आनंद की एंट्री के साथ ही उनके लुक की भी खूब चर्चा रही. महंगे जैकेट…महंगे कपड़े के साथ ही उनका गूची का 75 हजार का जूता भी चर्चा में रहा, जिसकी तस्वीर साल 2019 में ट्रेंड करने लगी थी. 2019 के बाद आकाश आनंद लगातार अपनी बुआ मायावती के साथ एक्टिव रहे. मायावती ने पहले आकाश को बीएसपी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया, फिर दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को आधिकारिक तौर पर अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया.

भतीजे को किया पार्टी से बाहर

साल 2023 के मार्च में ही आकाश आनंद की शादी बीएसपी से राज्यसभा सांसद रहे अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई, इस हाईप्रोफाइल शादी की भी खूब चर्चा रही. अशोक सिद्धार्थ मायावती के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते थे. लेकिन जब वही अशोक सिद्धार्थ उनके समधी बने तो दोनों के बीच इतनी दूरियां आ गईं कि अब अशोक सिद्धार्थ ने राजनीतिक संन्यास ले लिया और उनके दामाद (मायावती के भतीजे) आकाश आनंद को भी मायावती ने पार्टी से बाहर कर दिया है. मायावती ने इसके पीछे की वजह अशोक सिद्धार्थ को ही बताया है.

आकाश के ससुर का राजनीति से संन्यास

मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ ने अपने दामाद आकाश आनंद को पार्टी व मूवमेंट के वास्तविक हित से दूर किया, साथ ही पार्टी से ऊपर निजी और पारिवारिक स्वार्थ को रखा. इस तरह के आरोप लगाकर पहले मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की बात कही. अब अशोक सिद्धार्थ ने 10 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर राजनीतिक संन्यास की घोषणा की, तब भी मायावती आकाश आनंद को माफ नहीं कर पाईं उनकी नाराज़गी इस कदर रही कि तुरंत जवाबी पोस्ट करते हुए उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

अब सवाल यही है कि आखिर मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा? हालांकि पिछले कुछ दिनों से उन्होंने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को भी राजनीति में एक्टिव कर दिया है. देखना है यूपी चुनाव से पहले, बसपा में अभी और क्या-क्या उठापटक होती है.

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