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रिश्तेदारों के खाते में भेजते थे राम मंदिर चढ़ावा चोरी के पैसे… जांच एजेंसियों ने किया बड़ा खुलासा

Ram Mandir Chadhava Chori Update

रिश्तेदारों के खाते में भेजते थे राम मंदिर चढ़ावा चोरी के पैसे

Big Revelation Ayodhya Case: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एसआईटी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. जांच एजेंसियों ने पूछताछ के दौरान पाया कि चढ़ावा चोरी की रकम को आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के पास पहुंचाई. इसके बाद रकम को वापस अपने खातों में मंगवाते थे. ताकि अगर कभी जांच भी हो, तो पकड़े नहीं जाएं और जांच एजेंसियों को शक न हो. फिलहाल, जांच एजेंसियां अभी भी पूछताछ में जुटी हैं.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, तीन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अहम सुराग दिए हैं. आरोपियों ने पैसो को सीधे अपने रिश्तेदारों को भेजते थे. इसके बाद अपने खाते में पैसे मंगवाते थे. आरोपी इसलिए ऐसा करते थे, ताकि पैसों का सोर्स छिपा रहे और किसी को भी संदेह न हो. हालांकि, जांच एजेंसियों ने खुलासा कर दिया.

आरोपियों के पास से रकम और जेवर मिलने की उम्मीद

जांच एजेंसियों की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चढ़ावा चोरी की रकम को बाहर निकालने के लिए कुछ लोगों की मदद ली जाती थी. आरोपियों ने दावा किया कि इसमें टिन्नू यादव और गणना प्रभारी का सहयोग मिलता था. जिसकी वजह से पैसे को बाहर निकालने में मदद मिलती थी. आज भी आरोपियों के पास से चोरी की रकम और जेवर बरामद होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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पदाधिकारियों की सिफारिश पर हुई थी नियुक्ति

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मंदिर ट्रस्ट में नौकरी के लिए कुछ पदाधिकारियों ने सिफारिश की थी, जिसके बाद नियुक्ति हुई थी. इसमें सबसे बड़ा नाम ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का आ रहा है. हालांकि चढ़ावा चोरी विवाद के बाद अनिल मिश्रा और चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया था. फिलहाल, जांच एजेंसियों की नजर आरोपियों के हर पहलू पर है. ताकि और बड़े खुलासे किए जा सके.

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