SIT Submits Theft Report: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है. यह मामला राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज हुआ है. चढ़ावा चोरी के मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है, जिसमें कई संदिग्ध आरोपियों की पहचान की गई थी. आज गुरुवार को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढ़ांचे में भी बदलाव की चर्चा है.
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के नए सीईओ के रूप में रिटायर्ड अधिकारियों की नियुक्ति हो सकती है. इसके लिए तैयारी की जा रही है. जब से चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है, विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि बिना एफआईआर के एसआईटी वैसे ही है जैसे बिना तीर के कमान. इसके बाद से ही एफआईआर को लेकर चर्चा तेज गई थी. लेकिन अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. यूपी सरकार के निर्देश पर बीएनसी के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है.
अखिलेश यादव ने SIT की जांच पर उठाए थे सवाल
अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा था कि एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ यानी की चोरी में एसआईटी की भी हिस्सेदारी है. चढ़ावा चोरी को घोर पाप बताया और कहा कि आस्था के साथ छेड़छाड़ की गई है. यह काफी संवेदनशील मुद्दा है. राम मंदिर में चढ़ावा पूरे प्रदेश और देश के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी आया था. इस दौरान अखिलेश यादव ने एसआईटी की जांच पर भी सवाल खड़े किए थे.
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अखिलेश यादव के अनुसार, अगर यूपी की हर लोकसभा से 10 करोड़ रुपए भी चढ़ावा मानें, तो 800 करोड़ रुपए होते हैं. राम मंदिर में इतना दान किया गया. कई लोगों ने तो गुप्तदान भी किया, ताकि उनके घर ईडी और सीबीआई न पहुंच जाए. फिलहाल, यह मामला काफी सुर्खियों में है.
