Firm Documents Expose Truth:राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच अभी भी जारी है. इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पर शिकंजा कसता ही जा रहा है. जांच के दौरान पाया गया कि टिन्नू यादव ने अपनी पत्नी पूनम देवी के नाम पर राम मंदिर निर्माण के दौरान 45 लाख रुपए का टेंडर भी लिया था. फिलहाल, जांच एजेंसियों ने पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन कंपनी की भी जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक, साल 2023 में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव ने अपनी पत्नी के नाम पर लोक निर्माण विभाग (PWD) में रजिस्ट्रेशन कराया था. हैरानी की बात तो यह है कि उस कंपनी को पहले ही साल 45 लाख रुपए का सरकारी काम भी मिल गया. इसका खुलासा तब हुआ, जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच की गई. फिलहाल, जांच एजेंसियों ने अपनी जांच को और तेज कर दी है.
चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी कर रही जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया और 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. जिसके बाद इस मामले की जांच का जिम्मा एसआईटी के पास है. एसआईटी ने 15 दिनों बाद अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसके अनुसार, 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.
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इन आरोपियों के नाम FIR दर्ज
इस मामले में रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के नाम एफआईआर दर्ज हुई है. जांच के दौरान इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ है. फिलहाल, अभी भी जांच एजेंसियों की नजर मनी ट्रेस और कथित गबन के पूरे नेटवर्क की पड़ताल करने पर है.
