BJP Leader On UPI Charges: देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ नेताओं के बयान इस गुस्से को आग में घी डालने का काम कर रहे हैं. कानपुर में UPI पेमेंट चार्ज पर बीजेपी के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू का एक बयान चर्चा में आ गया है.उनसे जब UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चार्ज हट चुका है. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
दरअसल, 2 हजार रुपये से ज्यादा के कुछ चुनिंदा UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से Merchant Discount Rate यानी MDR लागू हो रहा है. इसी मुद्दे को लेकर कारोबारी संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी दौरान रामकिशोर साहू से जब इस प्रस्तावित शुल्क को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह तो हट गया, कहां टैक्स लगा है. उन्होंने आगे कहा कि कल लगाया नहीं, हटाया था.
बयान के बाद तेज हुई सियासत
क्षेत्रीय अध्यक्ष के इस बयान के बाद UPI चार्ज को लेकर चर्चा और तेज हो गई है. कांग्रेस और व्यापारी संगठन पहले ही प्रस्तावित MDR को लेकर विरोध जता चुके हैं. बुधवार को कानपुर के शिवाला बाजार में महानगर कांग्रेस ने दुकानदारों के साथ प्रदर्शन भी किया था. प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की थी.
क्या है नया नियम
नई व्यवस्था के मुताबिक, 2 हजार रुपये से ज्यादा के कुछ P2M यानी व्यक्ति से कारोबारी को किए जाने वाले UPI भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लगाया जाना प्रस्तावित है. इसका भुगतान ग्राहक के बजाय कारोबारी को करना होगा. हालांकि, 2 हजार रुपये तक के सामान्य मर्चेंट UPI भुगतान और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा.
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि MDR का बोझ सीधे ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं होगी. छोटे कारोबारियों को भी प्रस्तावित व्यवस्था में राहत दी गई है. अब बीजेपी नेता के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि UPI चार्ज को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है और प्रस्तावित व्यवस्था किस तरह लागू होगी.
ये भी पढ़ें:ममता को फुटबॉल खिलाड़ी और ऋतव्रत को लिफाफा… EC ने TMC के दोनों गुटों को बांटे सिंबल
