Rasra BSP MLA Umashankar Singh death: उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद रहा है. इसके साथ ही मायावती और उनकी बहुजन समाज पार्टी के लिए भी काफी नुकसान हुआ है. बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है. वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. बसपा सुप्रीमो उमाशंकर को राखी बांधती थीं. यही वजह है कि मायावती के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हे. निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.
उमाशंकर पिछले लंबे समय से कैंसर का इलाज करा रहे थे. स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में गहरा दुख फैल गया.
छात्र राजनीति से की थी शुरुआत
उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई. साल 2012 में पहली बार रसड़ा से विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी. यही वजह रही कि उन्होंने साल 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की. 2022 के चुनाव में वह बसपा के इकलौते विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे, जिससे पार्टी के भीतर उनका महत्व और बढ़ गया.
मायावती ने किया शोक व्यक्त
बसपा प्रमुख मायावती ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक समर्पित, संघर्षशील और भरोसेमंद नेता को खो दिया है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं.
उमाशंकर सिंह केवल राजनीति तक सीमित नहीं थे, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है. क्षेत्र के विकास, जनसंपर्क और लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी कार्यशैली की अक्सर सराहना की जाती थी.समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा जनता के बीच रहकर काम किया. यही वजह है कि उन्हें एक जनप्रिय नेता के रूप में याद किया जाएगा.
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