5 साल में 33 करोड़… प्रोफेसर ने अपने ही पिता की लिखी किताबें खरीदी, यूपी की इस यूनिवर्सिटी में बड़ा घोटाला
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में करोड़ों का घोटाला उजागर
UP News: उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले की एक यूनिवर्सिटी में करोड़ो का घोटाला हुआ है. घोटाले का आरोप विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मानस पांडे पर लगे हैं. आरोप है कि प्रोफेसर ने 5 सालों में करीब 33 करोड़ रुपए की किताबों की खरीदी की. सबसे बड़ी खास बात कि इसमें से ज्यादातर किताबें आउट ऑफ सिलेबस की हैं. कई विभागों की तो इतनी महंगी किताबें खरीदी गई कि प्रति छात्र देखा जाए, तो करीब 5 से 6 लाख रुपए पड़ रही है. फिलहाल, विश्वविद्यालय के इस घोटाले की जांच जारी है. जानें पूरा मामला?
यह मामला जौनपुर जिले के पूर्वांचल विश्वविद्यालय का है. जहां 5 सालों में ही घोटाला कर एक प्रोफेसर ने 33 करोड़ रुपए की किताबों की खरीदी कर दी. विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मानस पांडे ने यह कारनामा साल 2017 से 22 के बीच किया है. दरअसल, यूनिवर्सिटी के ही पीएचडी कर रहे छात्र उद्देश्य सिंह ने यह घोटाला उजागर किया है.
प्रोफेसर ने अपने पिता की लिखी किताब खरीदी
छात्र ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने अपने परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए यह कारनामा किया है. प्रोफेसर ने अपने ही पिता की लिखी हुई किताब, जो सिलेबस में ही नहीं है. वे किताबें हजारों प्रतियों में खरीदी की है. इसके साथ ही छात्र ने आरोप लगाया कि कई ऐसी किताबें हैं, जो छात्रों के लिए इश्यू ही नहीं की जाती हैं. इसके लिए कई बार जन सूचना अधिकार और आईजीआरएस के माध्यम से रिपोर्ट मांगी लेकिन विश्वविद्यालय ने नहीं दिया.
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50 करोड़ के घोटाले का आरोप
छात्र के आरोप के मुताबिक, यह करीब 50 करोड़ रुपए का घोटाला है. प्रोफेसर द्वारा इतनी बड़ी संख्या में किताबें मंगाने का मतलब है परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाना. इस मामले को लेकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना सही रहेगा.