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‘आज रात एक सभ्यता खत्म हो जाएगी…’, क्या ईरान पर न्यूक्लियर बम गिराने वाले हैं ट्रंप?

donald trump new threat

डोनाल्ड ट्रंप और मुज्तबा

Israel-US Iran War: इजरायल-यूएस और ईरान के बीच 6 हफ्तों से जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. इस जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के संकेत दिए थे, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया था. इसके बाद ट्रंप ने ईरान को 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया था. अब इस अल्टीमेटम के खत्म होने के चंद घंटे पहले ही ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरान को बड़ी चेतावनी दी है और कहा कि आज रात एक सभ्यता खत्म हो जाएगी.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में कहा है, ‘आज रात एक सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकता है. मैं ऐसा करना नहीं चाहता लेकिन शायद ऐसा ही होने वाला है. हमने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन कर दिया है और पहले की तुलना में वहां स्मार्ट और कम कट्टर लोग हैं. किसे मालूम कुछ क्रांतिकारी कदम उठा लिए जाएं…आज रात मालूम हो जाएगा. यह दुनिया के इतिहास में बेहद अहम पल हो सकता है. 47 सालों का भ्रष्टाचार, वसूली और मौत का तांडव खत्म होगा. ईश्वर महान है और ईरान की जनता पर कृपा बनाए रखे.’

क्या परमाणु बम का इस्तेमाल करेगा यूएस?

ट्रंप की एक सभ्यता खत्म करने वाली धमकी इस युद्ध के बीच अब तक की सबसे बड़ी धमकी मानी जा रही है. कुछ घंटों पहले ही खार्ग आईलैंड पर हमले की जानकारी भी आई थी. इसके बाद ईरान में रेल नेटवर्क को भी इजरायल ने निशाना बनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के तीन पुलों को निशाना बनाया गया है. एक रेलवे पुल पर अटैक में दो नागिरकों की मौत भी हुई है. वहीं इस हमले के बीच ट्रंप की धमकी भी आई है और ये तब, जब उनका अल्टीमेटम खत्म होने में चंद घंटे बचे हैं. इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. विशेषज्ञों को अंदेशा है कि कहीं ट्रंप न्यूक्लियर वार की तरफ तो इशारा नहीं कर रहे हैं क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो ये पूरी दुनिया के लिए ही खतरनाक होगा.

ईरान को झुकाने में नाकाम रहे हैं ट्रंप

ऐसा नहीं है कि अमेरिका ने पहली बार ईरान को धमकी दी है. लेकिन सभ्यता खत्म होने वाली धमकी कहीं न कहीं किसी बहुत बड़े हमले या परमाणु हमले से जोड़ रही है. अमेरिका ने अब तक बहुत बम ईरान के शहरों पर बरसाए हैं लेकिन उसके बावजूद ईरान पीछे हटा नहीं है. ट्रंप बयानबाजी करते रहे हैं मगर, अभी तक वे ईरान को झुकाने में नाकाम रहे हैं. वहीं ईरान की मिसाइलें भले ही अमेरिका तक नहीं पहुंच पाई हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट के अमेरिकी ठिकाने उनकी जद में जरूर रहे हैं और उन्हें ईरान ने काफी नुकसान भी पहुंचाया है.

दो दिनों पहले ही ईरान ने दो फाइटर जेट भी गिराने का दावा किया था. हालांकि, इसके बाद अमेरिका पायलट को रेस्क्यू करने में कामयाब रहा. फिर भी, ट्रंप के सीजफायर की संभावनाओं वाले बयान पर तुरंत ईरान ने पलटवार करते हुए इसे खारिज कर दिया. इस युद्ध में ईरान ने अमेरिका के कई फाइटर प्लेन गिराने का दावा किया है. कहा जाए तो ईरान ने ट्रंप की हर धमकी का जवाब दिया है और यही वजह है कि ये युद्ध अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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अमेरिका ने ही गिराए थे हिरोशिमा-नागासाकी पर परमाणु बम

ट्रंप के सामने मुश्किल ये भी है कि खामेनेई के मारे जाने के बाद भी ईरान ने जवाबी हमले कम नहीं किए हैं और वे युद्ध रोकना भी नहीं चाहते हैं. इसके बाद ट्रंप के आने वाले बयानों में बौखलाहट साफ देखी जा सकती है. अब जबकि, ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकाते हुए सभ्यता खत्म करने की चेतावनी दी है, तो पूरी दुनिया की नजरों के सामने हिरोशिमा-नागासाकी पर हमला याद आ रहा है. उस वक्त ये अमेरिका ही था, जिसने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर दो परमाणु बम ‘लिटिल बॉय’ और ‘फैट मैन’ गिरा दिया था.

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