Fiji declares HIV emergency: प्रशांत महासागर के छोटे से देश फिजी में HIV संक्रमण हर दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है. मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने नेशनल HIV इमरजेंसी अनांउस कर दी है. 9 लाख की आबादी वाले फिजी में लगभग 9,100 लोग HIV जैसी गंभीर बीमारी के साथ जीने को मजबूर हैं. संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज है कि सरकार को मुफ्त जांच, इलाज और बचाव के उपायों को बड़े स्तर पर लागू करना पड़ा है.
फिजी में HIV पिछले 5 सालों के भीतर तेजी से फैला है. मौजूदा स्थिति में करीब हर 60 वयस्कों में एक HIV संक्रमित बताया जा रहा है.पांच साल पहले यह रेसियो लगभग 167 वयस्कों में एक था. फिजी में नए HIV संक्रमणों में दुनिया की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
फिजी के स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने कहा कि देश में पैदा हुए हालात को देखते हुए राष्ट्रीय HIV आपातकाल घोषित करना जरूरी हो गया है. सरकार अब टेस्टिंग और इलाज की सुविधाओं को तेजी से बढ़ाने पर जोर दे रही है.
बच्चों में भी बढ़ रही चिंता
HIV संक्रमण से जुड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण बच्चों की मौतों को लेकर भी चिंता बढ़ी है. सरकार संक्रमण की पहचान जल्द करने और प्रभावित लोगों तक इलाज पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है. जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही लोगों से भी अपील की जा रही है
भारत समेत कई देश कर रहे मदद
फिजी के इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए उसे भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अलावा ग्लोबल फंड और संयुक्त राष्ट्र से भी मदद मिल रही है. फिजी में HIV संकट के पीछे नशीली दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को भी एक महत्वपूर्ण चिंता के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत में कितने HIV मरीज?
भारत में फिजी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन HIV संक्रमण अभी भी एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 26 लाख लोग HIV के साथ जी रहे हैं. 2010 की तुलना में नए वार्षिक HIV संक्रमणों में करीब 44% कमी आई है.यानी फिजी में जहां संक्रमण की तेज रफ्तार ने सरकार को आपातकाल लगाने पर मजबूर किया है, वहीं भारत में पिछले वर्षों में नए संक्रमणों को कम करने के लिए बड़े स्तर पर जांच, इलाज और रोकथाम के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
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